कोलकाता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को हुई पीएम नरेंद्र मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंस मीटिंग से काफी नाखुश हैं। उनका मानना है कि इस मीटिंग से बंगाल को कुछ हासिल नहीं हुआ और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। साथ ही ममता ने यह भी दावा किया राज्य को अभी तक वह वित्तीय सहयोग नहीं मिला जिसका वह हकदार है।
सीएम ममता बनर्जी मंगलवार को राज्य के अधिकारियों के सथ कोरोना के कारण उपजे हालात की समीक्षा कर रही थीं। ममता का कहना है कि राज्य के लोगों को लॉकडाउन की वजह से इसलिए समस्या अधिक हुई क्योंकि 25 मार्च को बिना तैयारी के लॉकडाउन का ऐलान कर दिया गया। ममता ने मीटिंग के बाद भी केंद्र पर कई आरोप लगाते हुए कहा था, 'पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए टारगेट किया गया है। कोरोना वायरस को लेकर मेरे राज्य को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।'
जो मिलना चाहिए वह भी नहीं मिला'
पीएम मोदी के संग हुई मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का जिक्र करते हुए ममता ने कहा, 'मैंने मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री के सामने कई मुद्दे उठाए लेकिन मुझे कहना पड़ेगा कि पीएम के साथ हुई मीटिंगों के बाद हमें हमेशा खाली हाथ लौटना पड़ा है। हमें जो मिलना चाहिए था वह भी अभी तक नहीं मिला है।
'कोरोना से नहीं मिलेगा जल्द छुटकारा'
राज्य में कोरोना महामारी के मद्देनजर व्यवस्था का जिक्र करते हुए ममता ने कहा, 'यह मत समझिए कि हमें निकट भविष्य में कोविड-19 से छुटकारा मिलेगा। हालात से निपटने के लिए हमें कम से कम 3 महीने की रणनीति बनानी होगी।' इसके अलावा ममता ने इस बात के भी संकेत दिए कि राज्य में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित रेड जोन इलाकों में और रियायत दी जा सकती है।
रेड जोन में मिलेगी रियायत
रेड जोन पर रियायत को लेकर ममता ने कहा, 'इन रेड जोन को आगे भी तीन कैटिगरी में बांटा जाएगा। जो इलाके कंटेनमेंट जोन में नहीं आते हैं वहां 100 दिन की कार्ययोजना शुरू करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।'
'सांप्रदायिक दंगों के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे'
ममता ने पिछले हफ्ते हुगली जिले में सांप्रदायिक झड़पों का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। सीएम ने कहा, 'लॉकडाउन के दौरान सांप्रदायिक झगड़ों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। दोषी पाए गए किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।'
मजदूरों के लिए 100 और ट्रेनें
प्रवासी मजदूरों की वापसी पर ममता ने कहा, 'पश्चिम बंगाल में नौ ट्रेनें आ रही हैं। इनमें से एक मंगलवार को आ रही है। हम 100 और ट्रेनें चलाने के बारे में विचार कर रहे हैं, इनकी योजना बनाई जा रही है।'