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  अब सिर्फ गरीबों का ही होगा फ्री में कोरोना वायरस टेस्ट-सुप्रीम कोर्ट
April 13, 2020 • Rajkumar Gupta

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कोरोना टेस्ट फ्री (Coronavirus Test) करवाने के अपने पुराने आदेश में बदलाव करते हुए अब इसे केवल गरीब तबकों तक सीमित कर दिया है। नए आदेश के मुताबिक गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले, EWS और आयुष्मान भारत के मरीजों की टेस्टिंग फ्री होगी। इससे पहले आदेश में देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुनाया था कि सरकारी या प्राइवेट दोनों की लैबों पर कोरोना वायरस की जांच फ्री होगी। इस आदेश के बाद एक डॉक्टर ने अपील की थी कि इस आदेश में दोबारा विचार करना चाहिए और केवल गरीबों की ही जांच फ्री में होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने साथ में यह भी कहा कि कोरोना वायरस की जांच सिर्फ वहीं लैब करें तो NABL यानी National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories से मान्यता प्राप्त लैबों या विश्व स्वास्थ्य संगठन या ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) से मंजूरी प्राप्त किसी एजेंसी के जरिए होनी चाहिए।

याचिका में कोरोना वायरस की जांच को मुफ्त में करनी की हुई थी मांग
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में निजी संस्थाओं द्वारा कोरोना परीक्षण के लिए अधिकतम 4,500 रुपये तय करने के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की सलाह को चुनौती दी गई थी। याचिका में यह भी निर्देश देने की मांग की गई थी कि ऐसे सभी परीक्षण मान्यता प्राप्त पैथोलॉजिकल लैबों द्वारा किए जाएं। मुफ्त में टेस्ट का सुझाव देते हुए, याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि प्राइवेट लैबों के टेस्टिंग फीस पर पर्दा डालना संविधान के आदर्शों और मूल्यों का उल्लंघन करता है।