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 अम्फान से तबाही - मोदी का बंगाल को 1 हजार करोड़ और ओडिशा को 500 करोड़ की मदद का ऐलान; ममता बोलीं- ये एडवांस है या पैकेज, पीएम ने नहीं बताया
May 22, 2020 • Rajkumar Gupta

कोलकाता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में अम्फान तूफान से प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद ओडिशा पहुंचे थे। यहां भी उन्होंने हवाई सर्वे कर नुकसान का जायजा लिया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने राज्य को फौरी तौर पर 500 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस आपदा से राज्य को बाहर निकालने के लिए केंद्र हर संभव मदद करेगा। 
इसके अलावा यूरोपियन यूनियन ने भी भारत को मदद देने का ऐलान किया है। ईयू के क्राइसिस मैनेजमेंट के कमिश्नर जानेज लेनारसिक ने कहा कि ईयू इस मुश्किल वक्त में भारत के साथ खड़ा है। शुरुआती तौर पर हम भारत को 500.000 यूरो की आर्थिक मदद देंगे। 
इससे पहले, प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल को एक हजार करोड़ रुपए की मदद देने का ऐलान किया था। इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'उन्होंने एक हजार करोड़ देने की बात कही है, लेकिन यह नहीं बताया कि यह एडवांस है या पैकेज है। पीएम ने कहा कि इस पर बाद में विचार होगा, लेकिन यह एडवांस होना चाहिए। मैंने उनसे कहा कि आप जो भी हमें देंगे, वो आपका फैसला है।

80 लोगों की जिंदगी न बचा पाने का अफसोस: मोदी

प्रधानमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस मे कहा कि तूफान से नुकसान कम से कम हो इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार ने कोशिशें कीं। इसके बावजूद 80 लोगों का जीवन नहीं बचा पाए। इसका हमें दुख है। इस संकट की घड़ी में जिन्होंने अपनों को खोया हम उनके साथ हैं। एग्रीकल्चर, पॉवर सेक्टर और व्यापार का भी नुकसान हुआ। लोगों के घर उजड़े हैं। हमारा काम अब उनकी मदद करना है। सरकारें इसके लिए हर संभव मदद करेंगी।

'पूरा देश पश्चिम बंगाल के साथ'

    मोदी ने कहा, पिछले साल मई में लोकसभा चुनावों की व्यस्तता थी, तब ओडिशा में चक्रवाती तूफान से हुए नुकसान की भरपाई करने में जुटा था। ठीक एक साल बाद आए चक्रवात से तटीय इलाके खासे प्रभावित हुए हैं। मैं पश्चिम बंगाल के अपने भाई-बहनों को विश्वास दिलाता हूं कि पूरा देश उनके साथ है। जल्द ही केंद्र की एक टीम भेजी जाएगी जो अम्फान से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी। लोगों के पुर्नवास और पुनर्निर्माण से संबंधित सभी मसलों पर विचार करेंगे।
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'ममता जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मिलकर काम करने का प्रयास किया है। आज देश के लिए गौरव की बात है। राजा राम मोहन राय की जयंती है। इस दौरान बंगाल में होना मेरे मन को छू लेने वाली बात होती है। इस संकट की घड़ी में मैं इतना ही कहूंगा कि राजा राम मोहन राय हमें आशीर्वाद दें ताकि हम मिलकर काम करें। मैं बंगाल सरकार को विश्वास दिलाता हूं कि संकट की घड़ी में पूरा देश आपके साथ ही। इस घड़ी में सबसे मिलने आया हूं, लेकिन कोरोना के कारण सभी नागरिकों से नहीं मिल पा रहा हूं। यहां से ओडिशा जा रहा हूं। बंगाल के लिए एक हजार करोड़ रुपए की तुरंत मदद दी जा रही है।

बंगाल में तूफान से 80 लोगों की मौत 

वहीं, बंगाल की खाड़ी से उठा सदी का सबसे ताकतवर तूफान अम्फान पश्चिम बंगाल-ओडिशा में तबाही मचाकर बांग्लादेश की तरफ बढ़ गया है। इसके चलते असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में शुक्रवार तक भारी बारिश जारी रहेगी। इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में मरने वालों की तादाद 80 हो गई है। 

रक्षित स्थानों पर पहुंचाया था

तूफान में अनुमान से ज्यादा नुकसान होने के चलते एनडीआरएफ की अतिरिक्त चार टीमें कोलकाता रवाना की गईं। बंगाल में पहले से 41 टीमें हैं। इनके अलावा सेना, नौसेना और वायुसेना की टीमें भी बचाव कार्यों में जुटी हैं। उधर, बंगाल और ओडिशा में पहले ही 7 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया था। बंगाल में 5 लाख लोगों को तटीय इलाकों से हटाया जा चुका है। बंगाल में कोलकाता, हावड़ा, हुगली समेत 7 जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

ममता बनर्जी ने कहा- राज्य को एक लाख करोड़ का नुकसान  

    ममता बनर्जी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पश्चिम बंगाल आकर तबाही देखने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मैंने आज तक ऐसी तबाही नहीं देखी।
    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया था कि तूफान से राज्य को एक लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। दक्षिण 24 परगना जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। यहां हाल में बनाईं कई बिल्डिंग बर्बाद हो गईं। कोलकाता समेत दूसरे इलाकों में बिजली और केबल के खंभों के अलावा टेलीफोन और इंटरनेट की लाइनों को नुकसान पहुंचा। 12 सौ से ज्यादा मोबाइल टॉवर खराब हो गए। कई इलाकों में नेटवर्क ठप है।

283 साल का सबसे ताकतवर तूफान 
अम्फान बंगाल में 283 साल का सबसे ताकतवर तूफान रहा। 1737 में ग्रेट बंगाल साइक्लोन से तीन लाख मारे गए थे। उधर, ओडिशा में 1999 में सुपर साइक्लोन आया था, जिसमें 10 हजार लोगों की मौत हो गई थी।