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 हंदवाड़ा एनकांउटर / शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा की देह जयपुर पहुंची, पूरे सैन्य सम्मान के साथ कल होगा अंतिम संस्कार
May 4, 2020 • Rajkumar Gupta

जयपुर. हंदवाड़ा एनकाउंटर में शहीद हुए सेना की 21 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा की देह सोमवार दिन में जयपुर पहुंची। यहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ आशुतोष शर्मा को अंतिम विदाई दी जाएगी। आज शहीद की देह को आर्मी अस्पताल में रखा जाएगा।  जिसके बाद मंगलवार को तिम संस्कार किया जाएगा। कश्मीर में मौसम खराब होने की वजह से अंतिम संस्कार में देरी हूई।

जानकारी अनुसार, एयरपोर्ट पर शव लेने के लिए शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा की पत्नी पल्लवी, बेटी तमन्ना, भाई पीयूष और मां भी पहुंची। जो देह के साथ ही रवाना हुए। लगभग 10 गाड़ियों के काफिले के साथ देह को एयरपोर्ट से सीछे आर्मी अस्पताल लाया गया।

बड़े भाई ने कहा- जयपुर आएगी पार्थिव देह, यहीं होगा अंतिम संस्कार
आशुतोष के भाई पीयूष शर्मा ने कहा, 'हमारा भाई देश के लिए शहीद हुआ, यह गर्व की बात है। आशुतोष एक जांबाज अफसर थे। देशभक्ति और वीरता उनकी रग-रग में थी। आशुतोष ने कहा था कि जिस दिन ऑपरेशन पूरा हो जाएगा। उसके अगले दिन फ्लाइट पकड़कर घर आ जाऊंगा। आशुतोष की पार्थिव देह सोमवार को जयपुर पहुंचेगी। यहीं उनको मुखाग्नि दी जाएगी। हमारा गांव बुलंदशहर में है। माताजी बुजुर्ग हैं, आशुतोष की बच्ची भी छोटी है। ऐसे में कोरोना की वजह से जयपुर से करीब साढ़े चार सौ किलोमीटर दूर गांव जाकर अंतिम संस्कार नहीं कर सकते।'

21 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर थे कर्नल आशुतोष
जानकारी अनुसार  शहीद कर्नल आशुतोष 21 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर थे, जो कई मिशन का हिस्सा रहे। सेना ने बताया कि उन्होंने मुठभेड़ के दौरान दो आतंकियों को मार गिराया। शहीद होने वालों में कर्नल आशुतोष के अलावा, मेजर अनुज, सब इंस्पेक्टर शकील काजी, एक लांस नायक और एक राइफलमैन शामिल हैं। मुठभेड़ हंदवाड़ा के छाजीमुल्लाह गांव में शनिवार दोपहर 3 बजे शुरू हुई थी। कर्नल आशुतोष को पिछले साल दूसरी बार सेना मेडल मिला था।

मुलत: यूपी के बुलंदशहर से है परिवार 
कर्नल शर्मा मूलत: यूपी के बुलंदशहर के रहने वाले हैं। बड़े भाई पीयूष शर्मा की नौकरी जयपुर में लगने के बाद पूरा परिवार यहां आ गया। बुलंदशहर के परवाना गांव में उनका घर और जमीन है। जयपुर में उनकी पत्नी पल्लवी और बेटी तमन्ना के अलावा बुजुर्ग मां, भाई-भाभी और एक बहन भी हैं। बड़े भाई पीयूष अजमेर रोड पर जयसिंहपुरा में सेलिब्रेशन विला में रहते हैं, जबकि कर्नल की पत्नी पल्लवी और बेटी वैशाली नगर इलाके में रंगोली गार्डन में रहती हैं। यहीं, उनके ससुराल के लोग भी रहते हैं।  

आखिरी बार 28 फरवरी को उधमपुर में हुई थी मुलाकात'
पल्लवी ने कहा, 'आखिरी बार 1 मई को आशुतोष से बात हुई थी। तब मैंने 21 आरआर की 26वीं वर्षगांठ पर विश करने के लिए उन्हें फोन किया था। उसके बाद वह ऑपरेशन में चले गए थे। उनकी व्यस्तता की वजह से बहुत बात करने का वक्त नहीं मिलता था। वे बस इतना ही कहते थे कि अपना ख्याल रखना। उनको इस साल जून में हंदवाड़ा में दो साल पूरे होने वाले थे। मैं आखिरी बार उनसे 28 फरवरी को उधमपुर में मिली थी। इसके बाद हमारी सिर्फ फोन पर बात हुई थी।'

'रात को कॉन्टेक्ट नहीं हुआ, तभी महसूस हो गया था कि कुछ सही नहीं हो रहा'
पल्लवी ने कहा, 'कहीं ना कहीं कल रात से ही अंदेशा था कि चीजें बहुत अच्छी नहीं हो रही हैं, क्योंकि उनसे (आशुतोष) कॉन्टेक्ट नहीं हो पा रहा था। हमारी शादी को 16 साल हो गए हैं। इतने सालों में आर्मी की ड्यूटी में पता चल जाता है कि अगर कॉन्टेक्ट नहीं हो पा रहा है तो मतलब है कि वे किसी ऑपरेशन में हैं। तब चिंता भी होती है।'