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    जोधपुर में कोरोना से पहली मौत पर मचा हड़कंप-बड़े स्तर पर कई लापरवाही आ रही है सामने
April 9, 2020 • Rajkumar Gupta

जोधपुर
प्रदेश की राजधानी जयपुर के बाद सबसे अधिक कोरोना वायरस का दर्द झेल रहे जोधपुर में कोरोना वायरस पॉजिटिव एक बुजुर्ग की मौत का मामला सामने आया है। यह जिले में कोरोना वायरस से पहली मौत है। जानकारी के अनुसार, 77 वर्षीय बुजुर्ग 12 दिन पहले पुणे से जोधपुर लौटे थे। सांस लेने में दिक्कत होने पर बुधवार को बुजुर्ग को मथुरादास माथुर अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। मौत के बाद बुजुर्ग का कोरोना टेस्ट किया गया तो वह पॉजिटिव निकला। जिससे पूरे अस्पताल और जिले में हड़कंप मच गया।
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सबसे बड़ा सवाल, कैसे बच गया प्रशासन की नज़र से मरीज ?
जोधपुर के प्रताप नगर ई 117 निवासी 77 वर्षीय मृतक लालचंद धनानी 12 दिन पूर्व पूना से जोधपुर आए थे। जिसके बाद मृतक के साथ रह रही उनकी पत्नी व उनकी पोती ने प्रशासन को इसकी सूचना नहीं दी। 3 दिन पूर्व कॉलोनी वासियों ने प्रशासन को इस बाबत सूचना दी लेकिन इस बुजुर्ग को क्वारंटीन नहीं किया गया । मंगलवार सुबह सांस लेने में तकलीफ आने पर उसे पड़ोसियों द्वारा मथुरादास माथुर अस्पताल ले जाया गया। इस बात पर पुणे में रह रहे मृतक के पुत्र ने पड़ोसियों पर नाराजगी जताई और उन्हें निजी अस्पताल ले जाने को कहा। जिसके बाद पड़ोसी बुजुर्ग को एक निजी अस्पताल लेकर गए। निजी अस्पताल ने बीमारी के लक्षण को देखते हुए भर्ती करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद उसे फिर मथुरादास माथुर अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

ऐसे आए सम्पर्क में लोग
जानकारी के अनुसार, घर में बुजुर्ग के अलावा बुजुर्ग की पत्नी और एक पोती रहती है। बुजुर्ग के पास शाम के समय कॉलोनी के लोग आकर बैठते थे। जब कॉलोनीवासियों को पता चला कि हार्टअटैक के चलते बुजुर्ग की मौत हो गई तो सिंधी समाज के कई लोग बुजुर्ग के घर चले गए। लेकिन देर रात जब प्रशासन ने शव देने से इंकार कर दिया और इस बात की पुष्टि हो गई कि बुजुर्ग कोरोनावायरस से संक्रमित था। तब से लोगों में दहशत बढ़ गई है।

30 लोग पहुंचे क्वारंटीन सेंटर
जैसे ही इस बात की पुष्टि हुई कि बुजुर्ग कोरोना वायरस से ग्रसित था। प्रशासन ने त्वरित प्रभाव से क्षेत्र में जाकर बुजुर्ग से मिलने वाले लोगों की हिस्ट्री निकाली और कॉलोनी से करीब 30 लोगों को क्वारंटीन सेंटर ले जाया गया।

विदेश में रहते हैं बच्चे
मृतक के दो बेटे और एक बेटी है। सबसे बड़ा बेटा अशोक धनानी स्पेन में रहता है छोटा बेटा विनोद धनानी पुणे में रहता है और बेटी पूनम दुबई में रहती है।

प्रशासन करेगा अंतिम संस्कार
अस्पताल प्रशासन ने बुजुर्ग के शव को अपने कब्जे में ले रखा है। परिजनों को शव सुपुर्द करने से इनकार कर दिया गया है इस शव का अंतिम संस्कार प्रशासन डब्ल्यूएचओ के प्रोटोकॉल के तहत करेगा।

लापरवाही पड़ सकती है कई परिवारों पर भारी
3 दिन पूर्व सूचना दिए जाने के बाद भी इस बुजुर्ग को क्वारंटीन नहीं किया गया। इसके अलावा बुधवार सुबह सांस लेने में तकलीफ होते हुए भी अस्पताल प्रशासन ने बुजुर्ग को वापस घर कैसे ले जाने दिया यह महत्वपूर्ण सवाल है। प्रशासन की लापरवाही अन्य लोगों पर भी भारी पड़ सकती है।