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 खुलासा / पाकिस्तान ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड लखवी समेत हजारों आतंकियों के नाम टेरर वॉच लिस्ट से हटाए
April 21, 2020 • Rajkumar Gupta


2008 में  मुंबई हमले का मास्टर माइंड और लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी (बीच में)। (फाइल)

इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने अपनी टेटर वॉच लिस्ट से हजारों आतंकियों के नाम हटा दिए हैं। इसमें 2008 में  मुंबई हमले का मास्टर माइंड और लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी भी शामिल है। अमेरिका में न्यूयॉर्क की एक रेग्युलेटरी टेक्नोलॉजी कंपनी ‘कस्टेलम. एआई’ के जुटाए गए डेटा  के अनुसार यह जानकारी दी गई है। 
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) को जून में मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्‍तपोषण के मामले में पाकिस्‍तान के उठाए गए कदमों की समीक्षा करना है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने अपने आतंकियों को कार्रवाई से बचाने के लिए यह कदम उठाया है। पाकिस्तान की नेशनल काउंटर टेररिज्म अथॉरिटी (एनसीटीए) इस सूची को मेंटेन करती है। इसका उद्देश्य वित्तीय संस्थानों को संदिग्ध आतंकवादियों के साथ लेनदेन करने से रोकना है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ‘कस्टेलम. एआई’ के डेटा के आधार पर अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि 2018 में पाकिस्तान की टेरर वॉच लिस्ट में 7600 आतंकियों के नाम थे। पिछले 18 महीनों में ये घटकर 3800 हो गए हैं। इस साल मार्च की शुरुआत से अब तक करीब 1800 नाम हटाए जा चुके हैं। इन नामों को हटाने का कोई कारण भी नहीं बताया गया।  
हटाए गए कई आतंकियों के नाम अमेरिका और यूएन की लिस्ट में 
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, पाकिस्तान की लिस्ट से  हटाए गए कई आतंकियों के नाम अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में शामिल आतंकियों के नाम से मिलते जुलते हैं। लेकिन पाकिस्तान की लिस्ट में गलत जानकारी (जन्मतिथि और नेशनल आईडी नंबर में गलती) होने की वजह से कुछ भी सटीक कहना मुश्किल है। रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तान ने एक आतंकी जाका-उर-रहमान का नाम हटाया है और अमेरिका की लिस्ट में  लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर का नाम जकी-उर-रहमान शामिल है। इससे शक हुआ कि पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी का नाम हटाया है। जब चेक किया गया तो पाकिस्तान की लिस्ट में उसका नाम नहीं शामिल था। इसका मतलब यह है कि या तो वह पहले से ही लिस्ट में नहीं शामिल था या फिर उसे अभी हटाया गया।

एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में है पाकिस्तान
एफएटीएफ ने आतंकियों पर पाकिस्तान की कार्रवाई को अभी तक बहुत ही कम प्रभावी बताया है। फरवरी में हुई समीक्षा में एफएटीएफ ने कहा था कि पाकिस्तान ने कार्रवाई के 27 में से 14 पॉइंट पर ही एक्शन लिया है। 13 को पाकिस्‍तान पूरा नहीं कर पाया है। जबकि ये 13 पॉइंट ज्यादातर आतंकी फंडिंग से संबंधित हैं। एफएटीएफ ने पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में बरकरार रखने का फैसला किया गया था। हालांकि, पाकिस्तान लगातार कोशिश कर रहा है कि वह इस लिस्ट से बाहर आ जाए, लेकिन इसके लिए वह अपने आतंकियों पर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता है। वह केवल आतंकियों पर कार्रवाई का दिखावा करता रहता है। एफएटीएफ ने फरवरी में पाकिस्तान को सिर्फ चार महीने की मोहलत दी थी, लेकिन इसके साथ कहा था कि अगर पाकिस्तान ने जून 2020 तक आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए बताए गए कदम नहीं उठाए तो उसे ब्लैकलिस्ट यानी प्रतिबंधित सूची में डाला जा सकता है।