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अजित पवार ने रेलमंत्री को लिखी चिट्ठी, लॉकडाउन खुलने पर कामगारों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग
April 23, 2020 • Rajkumar Gupta

मुंबई
लॉकडाउन (Lockdown) के कारण अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों की समस्या अब सरकारों को परेशान करने लगी है। महाराष्ट्र में लाखों मजदूर फंसे हैं और उद्धव ठाकरे सरकार इनको घर भेजने की मांग कर रही है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Aditanath) भी कह चुके हैं कि अगर दूसरे राज्यों की सरकारें लोगों को ले जाना चाहें तो वह उन्हें भेजने का इंतजाम करेंगे। अब महाराष्ट्र के डेप्युटी सीएम अजित पवार ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में अजित पवार (Ajit Pawar) ने मांग की है कि 3 मई को लॉकडाउन खत्म होने के बाद दूसरे राज्यों के कामगारों और मजदूरों को उनके घर भेजा जाए।

अजित पवार ने मांग की है कि दूसरे राज्यों के लोगों को ले जाने के लिए मुंबई और पुणे से स्पेशल ट्रेन चलाई जाएं। अजित पवार के मुताबिक, अगर इन लोगों को घर नहीं भेजा जाता है तो कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता अजित पवार ने पीयूष गोयल को लिखे पत्र में कहा कि महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी कामगार लॉकडाउन खत्म होने के बाद अपने घरों को जाने के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकल सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी हो सकती है। अजित पवार ने कहा कि इससे बचने के लिए रेल मंत्रालय को विशेष ट्रेनें चलानी चाहिए।

'साढ़े छह लाख लोगों को खाना खिला रही महाराष्ट्र सरकार'
अजित पवार ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने यूपी, बिहार और अन्य राज्यों के कामगारों और प्रवासी मजदूरों के लिए रहने और खाने का इंतजाम किया है। उन्होंने कहा कि लगभग साढ़े छह लाख कामगार राज्य सरकार के आश्रय गृहों में रह रहे हैं और उनको खाना खिलाया जा रहा है। आपको बता दें कि देशव्यापी 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होना था लेकिन इसे 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया।

इस चिट्ठी में अजित पवार ने 14 अप्रैल को बांद्रा में जुटी भीड़ का भी जिक्र किया है। अजित पवार ने कहा कि यह घटना बताती है कि लोग अपने घरों को जाने के लिए कितने बेताब हैं। उन्होंने लिखा है, 'कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद रेल मंत्रालय की ओर से स्पेशल ट्रेन चलाई जाए।'