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भीलवाड़ा से बुरे हुए रामगंज के हालात, संक्रमण रोकने के लिए काम आएगा ये खास प्लान!
April 9, 2020 • Rajkumar Gupta

जयपुर राजस्थान में भीलवाड़ा शहर में कोरोना से जंग में सरकारी मशीनरी बहुत हद तक कोविड-19 के संक्रमण पर काबू पाने में कामयाब रही है, लेकिन अब राजधानी जयपुर का रामगंज उससे भी बड़ी चुनौती बन गया है। जनसंख्या घनत्व में यह सबसे घनी आबादी वाला इलाका है। यहां एक मकान में कई-कई परिवार रहते हैं। अब तक जयपुर में 129 कोरोना मरीज मिल चुके हैं और अधिकांश इसी इलाके से हैं। रामगंज और आसपास के इलाकों में पिछले 15 दिन से कर्फ्यू लगा है, लेकिन वायरस के संक्रमण का दौर अब भी जारी है। मंगलवार से यहां भीलवाड़ा की तर्ज पर महाकर्फ्यू लगा दिया गया है, लेकिन कम्युनिटी स्प्रेड रोकने लिए सरकार ने नया प्लान तैयार किया है। अब चिकित्सा और पुलिस प्रशासन इसी प्लान पर काम कर रहा है।
रामगंज मेंकाेरोना से जंग का ये है प्लान

-महाकर्फ्यू का एलान- आवागमन पूरी तरह से बंद। नियम तोड़ने वाले पर केस, गिरफ्तारी।
- 30 क्लस्टर बनाए गए- जनसंख्या के आधार पर 30 क्लस्टरों में बांटकर शुरू किया काम।
- 600 से अधिक रोजाना सैंपलिंग- 1 क्लस्टर से रोजाना 21 सैंपलिंग, जरूरत पड़ने पर और अधिक सैंपलिंग।
- निर्भया स्क्वॉयड तैनात- 20 निर्भया स्क्वॉयड टीमें पूरे इलाके में तैनात। गलियों में आवाजाही, अपराधिक गतिविधियों पर रखेंगी नजर।
- पुलिस का पहरा- 975 पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर निगरानी में लगे।
- 266 मेडिकल टीमें- चिकित्सा विभाग ने इलाके में 226 टीमें लगाई।

अब तक यह हुआ काम, इसलिए बनाया नया प्लान

रामगंज में अब तक 22022 घरों का सर्वे किया जा चुका है। बुधवार तक यहां के 1.16 लाख लोगों का हेल्थ चेकअप चिकित्सा विभाग कर चुका है, लेकिन बावजूद इसके कोरोना संक्रमण के मामले लगाता बढ़ रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होने और हेल्थ चेकअप नहीं करवाने वालों ने मुश्किलें और बढ़ा दी। लोग पुलिस और चिकित्सा विभाग की टीमों का सहयोग नहीं कर रहे। ऐसे में कोरोना का कहर बढ़ता गया।

विशेषज्ञों की सलाह पर बनाना पड़ा नया प्लान
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि रामगंज में कोरोना की रोकथाम के लिए महामारी विशेषज्ञों की सलाह पर खास रणनीति बनाई गई है। इसके तहत जनगणना के अनुसार रामगंज को क्लस्टर्स में बांटकर प्रतिदिन सैंपल लेने शुरू किए गए हैं। उनकी पीसीआर टेस्टिंग करवाई जा रही है। इससे रामगंज और आसपास के क्षेत्र में कोरोना पॉजीटिव्स की संख्या का सही आकलन हो सकेगा। रामंगज इलाके के नक्शे और जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर यहां प्लान बनाया गया है। इसके तहत रामगंज को 30 क्लस्टर्स में बांटा गया है। प्रत्येक क्लस्टर से 21 सैंपल प्रतिदिन लिए जाएंगे। ज्यादा मामले सामने आने पर ज्यादा सैंपल भी लिए जा सकते हैं।

सोशल डिस्टेंसिंग मुश्किल, राशन बढ़ा सकता है दिक्कत
घनी आबादी के बीच रामगंज में सोशल डिस्टेंसिंग रखना मुश्किल काम है। अभी घरों में राशन का स्टॉक है, लेकिन जल्द ही दुकानों पर राशन के लिए भीड़ बढ़ सकती है। दरअसल, यहां बुधवार को यहां बांटे गए खाने के पैकेट लेने पहुंचे लोगों के बीच भी सोशल डिस्टेंसिंग नहीं देखी गई। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों को क्वारंटीन भी किया जा सकता है।