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बॉर्डर पर शरणार्थी मजदूरों को प्रवेश देने को लेकर भिड़ी यूपी-राजस्थान की पुलिस, मारपीट के भी आरोप
May 10, 2020 • Rajkumar Gupta


यूपी-राजस्थान की रारह बॉर्डर पर दोनों राज्यों की पुलिस के बीच मजदूरों के प्रवेश को लेकर तकरार हो गई। तब मौके पर पहुंचे दोनों राज्यों के उच्चाधिकारियों के बीच बहस हुई। यूपी-राजस्थान की रारह बॉर्डर पर दोनों राज्यों की पुलिस के बीच मजदूरों के प्रवेश को लेकर तकरार हो गई। तब मौके पर पहुंचे दोनों राज्यों के उच्चाधिकारियों के बीच बहस हुई।

भरतपुर. संत कौशिक. लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी है। इसी बीच रविवार को सैंकड़ों शरणार्थी मजदूरों भरतपुर जिले में यूपी-राजस्थान बॉर्डर पर प्रवेश देने की बात को लेकर दोनों राज्यों की पुलिस आपस में भिड़ गई। यह विवाद भरतपुर- मथुरा राजमार्ग स्थित रारह यूपी बॉर्डर पर हुआ। इस बॉर्डर पर एक तरफ भरतपुर जिले के उद्योग नगर थाना क्षेत्र की सीमा है। वहीं, दूसरी तरफ यूपी के मथुरा जिला का क्षेत्र है। 

पुलिसकर्मियों के आपसी तकरार का मामला दोनों राज्यों के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। तब दोनों जिलों के कलेक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक व अन्य प्रशासनिक अफसरों के बीच इंटर स्टेट मीटिंग के बाद यह विवाद शांत हो गया। हालांकि, इस बीच झारखंड-बिहार के जिन मजदूरों को लेकर विवाद था। वे सड़क पर ही अटक गए। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा लगा मानो हम भारत पाकिस्तान की बॉर्डर पर मौजूद हों। इनमें राजस्थान की सीमा पर अटके मजदूरों की वहीं बॉर्डर के समीपवर्ती एक स्कूल में खाने व ठहरने की व्यवस्था की गई। अब इन्हें ट्रेन या बस से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा।

शरणार्थी मजदूरों की एंट्री को लेकर ये है पूरा मामला: 

जानकारी के अनुसार राजस्थान के विभिन्न भागों में रहकर मजदूरी कर रहे लोग अपने-अपने प्रदेशों को लौटने के लिए पिछले दिन यूपी राजस्थान राजमार्ग पर राराह बॉर्डर तक सैकड़ों किलोमीटर का पैदल सफर करके पहुंच गए। लेकिन लॉक डाउन के चलते यूपी पुलिस ने उन्हें अपनी सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया। इससे मजदूर यहां फंस गए हैं। वहीं, राजस्थान के भरतपुर जिले की पुलिस भी मजदूरों को वहां से यूपी की तरफ जाने का दबाव डालती रही।

भरतपुर की स्थानीय पुलिस का कहना था कि बिहार और झारखंड के मजदूर भी यूपी के मजदूरों की तरह आगे अपने गंतव्य पर निकल जाएं। लेकिन यूपी पुलिस ने सख्ती से सीमा सील कर दी हैं। वहां के पुलिसकर्मी सिर्फ यूपी के मजदूरों को जिनके पास आधार कार्ड या कोई आईडी प्रूफ है उन्हीं को प्रवेश दे रहे थे। बाकी शेष अन्य राज्यों के मजदूरों को राराह बॉर्डर पर यूपी में प्रवेश नहीं दिया गया। 

कल हुई थी आपसी कहासुनी, आज फिर भिड़ गए दोनों राज्यों के पुलिसकर्मी

शनिवार के जैसे रविवार को भी शरणार्थी मजदूरों की यूपी में एंट्री को लेकर ही विवाद उपजा। राजस्थान पुलिस चाहती थी कि बिहार झारखंड यूपी एवं अन्य स्थानों से जो लोग मथुरा की ओर जाना चाहते हैं उन्हें यूपी पुलिस बगैर रोक-टोक के प्रवेश दे। लेकिन यूपी पुलिस ने जब केवल यूपी के मजदूरों को ही आईडी प्रूफ पर प्रवेश देने की बात कही तो राजस्थान पुलिस को उनकी बात नागवार गुजरी।

इसी बात को लेकर राधा बॉर्डर पर तैनात थाना उद्योग नगर पुलिस और यूपी पुलिस के बीच विवाद पैदा हो गया। राजस्थान पुलिस और यूपी पुलिस के जवानों के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। वे बेरिकेडिंग हटाने में धक्का मुक्की करने लगे। इस बीच यूपी के एक सब इंस्पेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ने भरतपुर के एक पुलिस इंस्पेक्टर पर हाथापाई के आरोप लगाए। जिसमें यूपी के दो पुलिसकर्मियों के चोट आने की बात भी कही भी गई। जबकि भरतपुर पुलिस का कहना था कि बेरिकेडिंग हटाते वक्त यूपी पुलिस के चोट आई।