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ब्राजील के वैज्ञानिकों ने अब ट्रंप की इस 'गेमचेंजर' मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्‍तेमाल पर रोक लगाई
April 15, 2020 • Rajkumar Gupta

ब्रासीलिया
कोरोना वायरस से जंग में दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) और क्‍लोरोक्विन दवा से ब्राजील में मायूसी हाथ लगी है। ब्राजील के वैज्ञानिकों ने अब डोनाल्‍ड ट्रंप की इस 'गेमचेंजर' मलेरिया की दवा के इस्‍तेमाल पर रोक लगा दी है। उन्‍होंने बताया कि जिन मरीजों को प्रयोग के तौर पर यह दवा दी गई, उनमें से एक चौथाई को हार्ट की दिक्‍कत आ गई।
इससे पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने क्‍लोरोक्विन और उसके अपेक्षाकृत नए संस्‍करण हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को कोरोना वायरस से जंग में गेमचेंजर दवा बताया था। ब्राजील के राष्‍ट्रपति ने इस दवा को संजीवनी बूटी की संज्ञा देते हुए पीएम मोदी की हनुमान से तुलना की थी। इससे पहले शुरुआती परिक्षणों में सामने आया था कि यह दवा कोरोना वायरस को कोशिकाओं में पहुंचने से रोकने में कारगर है।

दवा के पहले से ही गंभीर साइड इफेक्‍ट
हालांकि इस दवा के पहले से ही गंभीर साइड इफेक्‍ट हैं और यह हार्ट बीट में बाधा डालती है जिससे आदमी की अचानक मौत हो जाती है। ब्राजील के मनाउस शहर में 440 गंभीर रूप से कोरोना से बीमार लोगों को क्‍लोरोक्विन की दो खुराक दी गई लेकिन शोधकर्ताओं ने बताया कि केवल 81 लोग ही इस दवा को देने के बाद ठीक हुए। जिन लोगों को क्‍लोरोक्विन की 600 मिलीग्राम की दवा दिन में दो बार 10 दिनों तक दी गई उन्‍हें उनके हार्ट के काम करने में दिक्‍कत आई।

शोध से पता चला कि इन लोगों के समूह में दवा देने के बाद ज्‍यादा मौतें हुईं। इस तथ्‍य के सामने आने के बाद ब्राजील के शोधकर्ताओं ने दवा देना बंद कर दिया। एक अन्‍य समूह को क्‍लोरोक्विन दवा की 450 मिलीग्राम की खुराक पहले दिन एक दिन में दो बार दी गई। इसके बाद चार दिनों तक दिन में एक बार यह दवा दी गई। शोध में केवल एक मरीज के गले के स्‍वाब से वायरस के संकेत नहीं मिले। इस शोध में शामिल लोगों को दो एंटी बायोटिक ceftriaxone और azithromycin भी दी गई थी।