ALL Rajasthan
दर्द-ए-लॉकडाउन: बीमार बेटी को कंधों पर बिठाए 26 किमी चला बुजुर्ग
April 24, 2020 • Rajkumar Gupta


दर्द-ए-लॉकडाउन: बीमार बेटी को कंधों पर बिठाए 26 किमी चला बुजुर्ग60 साल का बुजुर्ग अपने जर्जर कंधे पर 17 साल की जवान बेटी को बिठाए भरी दोपहरी पैदल चल रहा है। आजाद भारत की यह तस्वीर उस दौर की है, जब पूरा देश एक जानलेवा वायरस से लड़ रहा है। इस वायरस का संक्रमण और न फैले इसलिए पूरे देश में 3 मई तक लॉकडाउन घोषित है। सब बंद है, सड़कों पर गाड़ियों से लेकर सरकारी बसों तक और बाजार से लेकर उद्योग धंधे तक। ऐसे में बेटी बीमार पड़ी तो मोहम्मद रफी उसे अपने कंधे पर बिठाकर 26 किमी तक पैदल चले और केईएम अस्पताल में भर्ती कराया और वापस भी इसी तरह पैदल चलकर आया।
बेटी को कंधे में बिठाकर अस्पताल ले गए
गोवंडी में एक झुग्गी बस्ती में रहने वाले मोहम्मद रफी रसोइया के रूप में काम करते थे लेकिन लॉकडाउन के चलते उनका यह काम भी बंद हो गया। उन्होंने बताया कि गुरुवार को बेटी के पेट में भयानक दर्द उठा जिस वजह से वह बिस्तर से उठ भी नहीं पा रही थी। बेटी को दर्द में देखकर रफी से न रहा गया तो उन्होंने अपने कमजोर कंधे पर ही बेटी को बैठा लिया और भरी दोपहरी पैदल चलते हुए गोवंडी से परेल तक का रास्ता नापा।
'साधन के लिए पैसे नहीं थे इसलिए पैदल चल रहा हूं'
मोहम्मद रफी बेटी को कंधे पर बिठाए हुए 26 किमी तक चलते रहे और केईएम अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल पहुंचते रफी बुरी तरह हांफ रहे थे। टूटी-फूटी आवाज में उन्होंने बताया कि उनके पास साधन के लिए पैसे नहीं थे। काम बंद पड़ा है, बड़ी मुश्किल से घर की जरूरत का सामान मिल पा रहा है।
अस्पताल से वापस भी पैदल आए
मोहम्मद रफी केईएम में मुफ्त इलाज के लिए अपनी बेटी को कंधे पर ही बिठाकर चल दिए और फिर वापस घर तक भी पैदल ही आए। पूरे देश में इस वक्त लॉकडाउन जारी है ताकि जानलेवा कोरोना वायरस का संक्रमण और न फैल सके। लेकिन इस लॉकडाउन की कड़वी हकीकत भी है जिसके चलते कइयों को दिक्कतें उठानी पड़ रही है।