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डिजिटल डिस्टेंसिंग के साथ अनोखी शादी- सतना का दूल्हा, बरेली की दुल्हन, मुंबई के पंडित और देश-विदेश से 200 बाराती
May 1, 2020 • Rajkumar Gupta

सतना।

कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के चलते लोग घरों में कैद हैं। जरूरी काम मजबूरी में टाले जा रहे हैं और सामाजिक और पारिवारिक आयोजन स्थगित हो रहे हैं। ऊपर वाले की मर्जी से तय हुई शादियों में भी यह वायरस रुकावट बन रहा है। फिर भी कुछ लोग ऐसे हैं जो तमाम मुश्किलों के बीच भी अपने लिए रास्ता निकाल लेते हैं। ऐसा ही किया सतना के अविनाश और बरेली की कीर्ति ने। लॉकडाउन के चलते उनकी शादी रुकने की नौबत आई तो उन्होंने इसके लिए तकनीक की मदद से रास्ता निकाल लिया। फिर क्या था, अविनाश और कीर्ति की न केवल शादी हुई, बल्कि पूरे विधि-विधान से हुई और देश-विदेश में बैठे उनके करीब 200 मित्र-रिश्तेदार भी इसके साक्षी बने।

गाजियाबाद में बना मंडप
आईआईटी इंजीनियर अविनाश मोदी सरकार की अपील स्टे होम, स्टे सेफ को ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन के दौरान वेडिंग फ्रॉम होम का रास्ता अपनाया। मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत कीर्ति के साथ उनकी डिजिटल शादी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बहन के घर से संपन्न हुई। साथ ही 10 देशों के 200 दोस्त भी शादी के साक्षी बने।वीडियो कॉल के जरिए शादी की सभी रस्में पूरी की गई। मुंबई के पंडित जी ने साथ जीने-मरने की कसमें दिलाईं। एप के जरिए ही सतना एवं बरेली में बैठे दूल्हा-दुल्हन के माता पिता ने आशीर्वाद दिया और दोनों सात जन्मों के अटूट बंधन में बंध गए।

26 अप्रैल को तय थी शादी
अविनाश के परिवारजनों ने बताया कि अविनाश आईआईटी करने के बाद गुरुग्राम में मल्टीनेशनल सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करते हैं। उनकी शादी कीर्ति से कई महीने पहले तय हो गई थी। 26 फरवरी को सगाई होने के बाद 26 अप्रैल को सतना में शादी करने का निश्चय किया गया। इसके लिए बकायदा कार्ड भी छपा लिए गए, लेकिन अचानक हुए लॉकडाउन से सारी तैयारियों पर पानी फिर गया और शादी टलने की नौबत आ गई।

मेट्रोमोनियल कंपनी ने सुझाया रास्ता
कोई रास्ता नहीं मिल रहा था, लेकिन इसी बीच एक मेट्रोमोनियल कंपनी ने अविनाश के मित्र से संपर्क किया। कंपनी सर्वे कर रही थी कि लॉकडाउन में कितने लोगों की शादियां कैंसिल हुई हैं। विचार-विमर्श के बाद ऑनलाइन शादी का प्रस्ताव आया और मौके की नजाकत को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्ष इसके लिए तैयार हो गए।

पंडित जी ने मुंबई से पूरी कराई सारी रस्में
दूल्हा अविनाश और दुल्हन कीर्ति शादी पूरी रस्मो-रिवाज से करना चाह रहे थे। इसीलिए दोनों परिवारों ने आवश्यक सामग्री एकत्रित कर गाजियाबाद में बहन के घर की बालकनी में ही मंडप तैयार किया। इसके बाद वीडियो कॉलिंग एप जूम के जरिए पूरे परिवार के सदस्य ऑनलाइन हुए। ऑनलाइन माध्यम से ही कुल देवता की पूजा की गई। वहीं मुंबई के पंडित जी ने ऑनलाइन ही पूरे विधि-विधान से शादी की रस्में पूरी कराई

शादी की मस्ती भी कम नहीं
इस वेडिंग फ्रॉम होम के लिए सभी अतिथियों को डिजिटल कार्ड भेजा गया था। एप के माध्यम से निर्धारित समय पर दोनों परिवार के सदस्यों एवं 200 से अधिक मेहमान मोबाइल के जरिए इसमें शरीक हुए और शादी के साक्षी बने। दोस्त और परिवार वालों ने बारात की तरह नाच-गाकर खूब मस्ती की। सबसे रोचक तो यह कि शादी में कन्यादान की रस्म दूल्हा अविनाश के बड़े भाई विकास ने निभाई।