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डिया अगेंस्ट कोरोना / मोदी कल सुबह 9 बजे देश को वीडियो मैसेज देंगे, आज मुख्यमंत्रियों से कहा- कोरोना से लड़ाई में धर्मगुरुओं को भागीदार बनाएं केंद्र सरकार राज्यों को तत्काल उपलब्ध करवाए आर्थिक मदद इंटर स्टेट सप्लाई चेन प्रोटोकॉल लागू करे केंद्र - मुख्यमंत्री
April 2, 2020 • Rajkumar Gupta

नई दिल्ली. नई दिल्ली. देश में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दूसरी बार सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि कोरोना को हराने के लिए सभी मत और विचारधारा के लोगों का एकजुट होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अपनी आस्था और पंथ को बचाने के लिए भी पहले कोरोना को हराना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे कोरोना से लड़ाई में धर्मगुरुओं को भागीदार बनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल देश के साथ अपना एक वीडियो संदेश भी साझा करेंगे। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

कोरोना ने आस्था और विचारधारा पर भी हमला बोला- मोदी

मोदी ने कहा- कोरोनावायरस के खिलाफ युद्ध अभी शुरु ही हुआ है। कोरोनावायरस ने हमारी आस्था, विश्वास, विचारधारा पर भी हमला बोला है। इसलिए हमें अपनी आस्था, पंथ, विचारधारा को बचाने के लिए कोरोनावायरस को परास्त करना पड़ेगा। आज आवश्यकता है कि सभी विचारधारा, समुदाय के लोग एकजुट होकर कोरोना को पराजित करें। धर्मगुरु और समाज के लोग अपने अनुयायियों को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भागीदार बनने को कहें और उन्हें समझाएं।
मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में केंद्र और राज्यों द्वारा अब तक उठाए गए कदमों और कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए नई रणनीतियों पर भी बात की। इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहे।

मोदी ने कहा- अब टेस्ट और क्वारैंटाइन पर फोकस करें

मोदी ने राज्यों से जिला स्तर पर क्राइसिस मैनेजमेंट पर काम करने को कहा। उन्होंने कहा- अब हमारा फोकस टेस्टिंग और क्वारैंटाइन सुविधाओं पर होना चाहिए। उन्होंने राज्यों को हेल्थ केयर ह्यूमन रिसोर्स में बढ़ोतरी करने और फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स को ऑनलाइन ट्रेनिंग दिलाने की सलाह दी। वहीं, रिटायर्ड हेल्थ वर्कर्स, एनएसएस, एनसीसी, सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल कर फोर्स बनाने के लिए कहा। मोदी ने कहा कि ये लोग सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन कराने में मदद करेंगे।

संक्रमण की चेन तोड़ना हमारी प्राथमिकता हो: मोदी

मोदी ने कहा कि वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिए हम अलग-अलग जगह से बात कर रहे हैं, लेकिन सामूहिकता ही हमारी मजबूती होनी चाहिए। सभी को एक सैनिक की तरह अलर्ट होकर इस महामारी से लड़ना चाहिए। जिस तरह से केस सामने आ रहे हैं, उससे यह पता चलता है कि हमारी लड़ाई अभी शुरू हुई है। पूरी दुनिया ने ऐसी महामारी कभी नहीं देखी। शांति, एकता और कानून व्यवस्था बनाए रखना चाहिए। मोदी ने कहा कि संक्रमण चेन को को तोड़ना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्रीअशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया है कि वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिए राज्यों को एक लाख करोड़ रूपए की सहायता तत्काल उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही संकट की इस घड़ी में आवश्यक वस्तुओं, दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों की निर्बाध आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार इंटर स्टेट सप्लाई चेन प्रोटोकॉल शीघ्र लागू करे। 

 गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ राज्यों के मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग ले रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार द्वारा बेसहारा एवं निराश्रितों, गरीबों, निर्माण श्रमिकों सहित तमाम जरूरतमंद वर्गों को राहत पहुंचाने के लिए किए गए फैसलों से अवगत कराते हुए कहा कि कोरोना जैसी आपदा का सामना करने के लिए केंद्र सरकार का पर्याप्त सहयोग राज्यों के लिए बेहद जरूरी है। 

प्रदेश की उधार लेने की क्षमता 2 प्रतिशत तक बढ़ाई जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदी के कारण देश के अधिकतर राज्य पहले से ही विकट आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के कारण लॉक डाउन होने से प्रदेश का पूरा अर्थतंत्र प्रभावित हो रहा है। उद्योग-धंधे बंद पडे़ हैं। राजस्व अर्जन की ज्यादातर गतिविधियां बंद होने से लक्ष्य के मुकाबले काफी कम राजस्व एकत्र हो पाया है। साथ ही कोरोना संक्रमण की चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार को जरूरतमंद वर्गों को अतिरिक्त सहायता एवं आर्थिक पैकेज उपलब्ध करवाना पड़ा है। इसके चलते प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ा है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार जल्द से जल्द राहत पैकेज उपलब्ध करवाए और प्रदेश के लिए उधार लेने की क्षमता को 2 प्रतिशत तक बढ़ाने की अनुमति प्रदान करे। 

वेंटीलेटर एवं पीपीई उपकरणों की खरीद का समन्वय करे आईसीएमआर

गहलोत ने कहा कि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए फिलहाल सभी राज्य पीपीई उपकरणों एवं वेंटीलेटरों की अलग-अलग खरीद कर रहे हैं। इससे इनकी दरें ज्यादा आने के साथ ही उनमें भिन्नता भी रहती है। केंद्र सरकार भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के माध्यम से इस खरीद व्यवस्था का समन्वय करे, ताकि सभी राज्यों को आवश्यक मेडिकल उपकरण एवं वेंटीलेटर उचित दरों पर एवं समय पर उपलब्ध हो सकें।

मनरेगा का पैसा एडवांस मिले, विद्युत उत्पादन निगम का बकाया हो स्थगित

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि गरीब तबके को संकट के इस समय में और मदद मिल सके, इसके लिए केंद्र सरकार राज्यों को रजिस्टर्ड एवं एक्टिव मनरेगा श्रमिकों का पैसा एडवांस दे। साथ ही केंद्र सरकार भारतीय रिजर्व बैंक एवं अन्य केंद्रीय संस्थाओं को राज्य द्वारा देय ऋण की किश्तों को भी स्थगित करे। 

पूरे संकल्प और समर्पण भाव के साथ कर रहे चुनौती का सामना

गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार इस आपदा का पूरे संकल्प एवं समर्पण भाव के साथ सामना कर रही है। हम इस चुनौती से निपटने के लिए 24 घंटे लगातार काम कर रहे हैंं। इसके लिए राज्य एवं जिला स्तर पर वार रूम बनाए गए हैं। स्थिति पर सतत निगरानी रखने तथा त्वरित निर्णय के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का एक कोर गु्रप भी बनाया गया है। प्रदेश में आईसोलेशन के लिए एक लाख बैड की व्यवस्था कर ली गई है। पूर्व में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए विकसित की गई जांच एवं अन्य सुविधाओं तथा अनुभवों का भी हमें लाभ मिल रहा है।

अरुणाचल के सीएम ने लॉकडाउन पर ट्वीट किया, 45 मिनट में हटाया

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू ने मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की तस्वीरें ट्वीट कर लिखा- लॉकडाउन का समय 15 अप्रैल को पूरा होगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम सड़कों पर आजादी से निकल सकेंगे। हम सभी को संक्रमण कम करने के लिए जिम्मेदार होना होगा। लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना से लड़ने का इकलौता तरीका है। हालांकि 45 मिनट बाद ही उन्होंने ट्वीट हटा लिया। अपने अगले ट्वीट में उन्होंने ठीक से हिंदी न जानने वाले अधिकारी द्नारा जानकारी अपलोड करने की बात कही। पीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिल्ली, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ, बिहार, झारखंड, लक्ष्यद्वीप, गोवा, पुडुचेरी, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।