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एसएचओ को सस्पेंड करवाने के लिए 4 पूर्व मंत्री, 4 भाजपा विधायक और सांसद ने दिया धरना, मांग ठुकराने पर लौटना पड़ा
February 14, 2020 • Rajkumar Gupta

जयपुर. शहर के मालवीय नगर इलाके में गुरुवार को विरोध प्रदर्शन कर रही भाजपा महिला नेत्री और राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा और उनके समर्थकों पर बल प्रयोग कर खदेड़ने के मामले में शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन चला। मामले में थानाप्रभारी अरुण पूनियां के निलंबन और एसीपी महेंद्र शर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शहर भाजपा के नेताओं ने शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे से ही मालवीय नगर थाने में धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया। लेकिन पुलिस उच्चाधिकारियों ने थानाप्रभारी को निलंबन की बात से साफ इंकार कर दिया। ऐसे में नेताओं और उनके समर्थकों की भारी भरकम फौज को अब सोमवार को सुबह 11 बजे कमिश्नरेट कार्यालय में धरना देने का ऐलान कर वापस लौटना पड़ा। 

यूं चला घटनाक्रम

शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे तक भाजपा नेताओं ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। इस बीच पिछली भाजपा सरकार के चार पूर्व मंत्री, एक वर्तमान और तीन पूर्व विधायक, सांसद रामचरण बोहरा, पूर्व महापौर व पूर्व उप महापौर, कई पूर्व और वर्तमान पार्षद के पूर्व और वर्तमान शहर अध्यक्ष सहित सैंकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी थाने में चल रहे धरने में इकट्‌ठा हुए। करीब डेढ़ बजे तक पुलिस और कांग्रेस सरकार के खिलाफ तानाशाही के संबंध में और गुरुवार को हुए घटनाक्रम के संबंध में भाषण का दौर चला।

भाजपा नेताओं ने थानाप्रभारी अरुण पूनियां के निलंबन नहीं होने तक धरना जारी रखने की बात कही। इसी बीच एडिशनल पुलिस कमिश्नर अशोक कुमार गुप्ता व अजयपाल लांबा, डीसीपी पूर्व डॉ. राहुल जैन मौके पर पहुंचे। वहां इन भाजपा नेताओं के साथ करीब 20 मिनट का थानाप्रभारी के कमरे में बातचीत हुई। जिसमें जयपुर कमिश्नरेट के पुलिस उच्चाधिकारियों ने थानाप्रभारी को निलंबित करने की बात से साफ इंकार कर दिया। ऐसे में भाजपा नेता पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाहर आए और अगला धरना कमिश्नरेट कार्यालय में 17 फरवरी को करने का एलान कर थाने में चल रहा धरना समाप्त कर दिया।

यह है पूरा मामला:

बुधवार देर रात को अज्ञात बदमाशों ने मालवीय नगर सेक्टर 3 में थड़ियों में आग लगा दी। तब थड़ी संचालकों को मुआवजा देने के लिए भाजपा नेता सुमन शर्मा धरने पर बैठ गई। वे दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगी। तभी कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा भी आगजनी की सूचना पर मौके पर जायजा लेने पहुंची। वहां दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गए। तब पुलिस ने बल प्रयोग कर वहां लोगों को खदेड़ दिया। इसमें धरना दे रहे धर्मा चौधरी का सिर फट गया।

तब सुमन शर्मा ने आरोप लगाया कि थानाप्रभारी अरुण पूनियां, एसीपी मालवीय नगर महेंद्र शर्मा ने अर्चना शर्मा के ईशारे पर धरने पर बैठे भाजपा कार्यकर्ताओं और सुमन शर्मा के साथ मारपीट की। डंडे बरसाए। जिसमें कई लोगों के चोट आईं। ऐसे में गुरुवार को दिनभर थानाप्रभारी को निलंबित करने की मांग को लेकर धरना चला। इसके बाद शुक्रवार को भी सुबह से धरना प्रदर्शन चला। जिसमें भाजपा के कद्दावर नेताओं की मांग को पुलिस अधिकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया।

भाजपा के ये कद्दावर नेता रहे धरना प्रदर्शन में मौजूद

पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कालीचरण सर्राफ, पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी, पूर्व संसदीय कार्य सचिव कैलाश वर्मा, पूर्व विधायक व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व विधायक सुरेंद्र पारीक, पूर्व विधायक मोहनलाल गुप्ता, विधायक नरपत सिंह राजवी, भाजपा सांसद रामचरण बोहरा, पूर्व उपमहापौर मनीष पारीक, पूर्व महापौर शील धाबाई, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा, शहर अध्यक्ष सुनील कोठारी, पूर्व शहर अध्यक्ष संजय जैन, भाजपा नेता मंजू शर्मा सहित कई पार्षद व अन्य प्रमुख पदाधिकारी इस धरना प्रदर्शन में मौजूद रहे।