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हर साल वापस आ सकता है वापस कोरोना वायरस
April 29, 2020 • Rajkumar Gupta


 दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस को लेकर एक रोंगटे खड़े कर देने वाली जानकारी सामने आई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना वायरस हर साल वापस आ सकता है। चीन के प्रमुख वैज्ञानिकों ने कहा है कि कोरोना वायरस बीमारी (कोविड-19) फैलाने वाला सार्स-कोव-2 अन्य फ्लू की ही तरह है और यह रुकेगा नहीं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) का दावा है कि हर साल दुनियाभर में फ्लू तीन लाख से लेकर साढ़े छह लाख लोगों तक की जान लेता है।

ब्लूमबर्ग न्यूज के अनुसार, चीन के शीर्ष चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, चाइनीज एकेडमी में पैथोजन बायोलॉजी संस्थान के निदेशक जिन क्यूई ने कहा यह एक ऐसी महामारी हो सकती है जो इंसानों के शरीर में लंबे समय तक रहे। यह सीजनल हो सकती है जोकि शरीर के अंदर मौजूद रहती है। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के निदेशक एंथोनी फौसी सहित कई वैज्ञानिकों ने कहा है कि नया कोरोनो वायरस सर्दियों के मौसम में सबसे ज्यादा हानिकारक होगा।

वहीं, भारत में भी पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट यह मानते हैं कि सार्स-कोव-2 यहां लंबे समय तक रहने वाला है।  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ (गांधीनगर) के निदेशक डॉ. दिलीप मावलंकर ने कहा, 'वायरस का हमारे आसपास बने रहना निश्चित है क्योंकि इसका ट्रांसमिशन दर काफी ज्यादा है और कुछ लोगों में अगर थोड़ी बहुत भी बीमारी होगी तो वह ज्यादा लोगों को संक्रमित करेगा। संक्रमण से फैलने वाले रोगों को रोकना काफी मुश्किल होता है क्योंकि सभी को सुरक्षा का इस्तेमाल करना पड़ता है जोकि लंबे समय तक इतनी आबादी के लिए बनाए रखना आसान नहीं होता।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च में एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिकेबल डिसीज के पूर्व प्रमुख डॉ. ललित कांत कहते हैं कि इसकी उच्च संक्रामकता इसका एक हिस्सा है लेकिन यह सीजनल हो जाएगा क्योंकि यह उन लोगों को संक्रमित करना जारी रखेगा जिनके पास इसके खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता मौजूद नहीं है। यह कैसा व्यवहार करेगा, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है क्योंकि सभी वायरस अलग-अलग होते हैं।

डॉ. कांत ने आगे कहा कि जो भी इस बीमारी से ठीक होता है वह प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है लेकिन संक्रमण को दोबारा होने से रोकने के लिए एंटीबॉडी की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि हमें नहीं मालूम हो कि इस वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी कब तक चलेगी लेकिन यह लंबे समय तक प्रतिरोधक क्षमता जरूर प्रदान करेगी। इसके बाद शायद हम इसे खत्म कर सकेंगे।