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खुल चुकी हैं 1,000 टिकट खिड़कियां, धीरे-धीरे खुल जाएंगे सभी रिजर्वेशन काउंटर, 30 दिन पहले तक होगी बुकिंग: रेलवे
May 23, 2020 • Rajkumar Gupta

नई दिल्ली
अब स्पेशल पैसेंजर ट्रेनों में यात्रा से 30 दिन पहले तक रिजर्वेशन टिकट ले पाएंगे। रेलवे ने यात्रा से 7 दिन पहले तक ही टिकट बुकिंग की अनुमति दी थी, जिसे बढ़ाकर अब 30 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही, रेलवे 1 जून से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों के टिकट बुकिंग के लिए धीरे-धीरे सारी टिकट खिड़कियां खोलने जा रहा है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया कि अब तक 1 हजार से टिकट काउंटर्स खुल चुके हैं और जरूरत के अनुसार आगे भी काउंटर्स खुलते रहेंगे। साथ ही, IRCTC एजेंट, पोस्ट ऑफिस, कॉमन सर्विस सेंटर्स आदि को भी टिकट उपलब्ध कराने की अनुमती दी गई है। पहले सिर्फ IRCTC की वेबसाइट और ऐप से ही टिकट बुकिंग की अनुमति थी।

RAC वालों का क्या होगा
उन्होंने रिजर्वेशन अंगेस्ट कैंसलेशन (RAC) वालों को बड़ा आश्वासन देते हुए बताया कि आरएसी टिकट के कन्फर्म होने की पूरी संभावना है। यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, 'हमने सिर्फ कन्फर्म टिकट पर ही यात्रा की अनुमति दी है। साथ ही एनरूट टिकट बिल्कुल मना किया हुआ है। रास्ते में किसी यात्री को चढ़ने की अनुमति नहीं है, इसलिए आरएसी टिकट के कन्फर्म होने की पूरी संभावान है।'

जब सिर्फ कन्फर्म टिकट पर यात्रा तो वेटिंग लिस्ट क्यों
उन्होंने सिर्फ कन्फर्म टिकट पर यात्रा के नियम के बावजूद वेटिंग लिस्ट के टिकट दिए जाने के सवाल पर कहा कि वेटिंग लिस्ट इसलिए दिया क्योंकि पहले ट्रेनों में देखा गया कि कुछ लोग ट्रेन खुलने के वक्त टिकट कैंसल कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'अब वेटिंग लिस्ट की व्यवस्था होने के कारण कैंसल टिकटों से खाली बर्थ को बाकी लोगों से भरा जाएगा।'

क्या महंगा कर दिया गया है रेल टिकट
क्या स्पेशल ट्रेनों में पहले के मुकाबले ज्यादा किराया वसूला जा रहा है? रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने इस अंदेशे को पूरी तरह खारिज करते हुए बताया कि लॉकडाउन से पहले जो टिकट प्राइस थी, आज भी वही है। किसी टिकट पर एक भी पैसा ज्यादा नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां तक बात खास यात्रियों को टिकट किराए पर मिलने वाली छूट का सवाल है तो लॉकडाउन से पहले कुछ छूटों पर रोक लगा दी गई थी, खासकर बुजुर्गों को मिलने वाली छूट पर। वह इसलिए किया गया था कि संकट की स्थिति में लोगों का साथ मिले। यादव ने कहा, 'टिकट फेयर में कन्सेसन की वही व्यवस्था आज भी लागू है।' उन्होंने बताया कि कुछ ट्रेनों में महज 30% सीटें ही बुक हुई हैं, हालांकि कुछ ट्रेनों में 100% सीटें बुक हो चुकी हैं।

हरेक प्रवासी श्रमिक को घर पहुंचाएंगे
प्रवासी श्रमिकों से उन्हें उनके घर पहुंचाने का वादा करते हुए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि जब तक आखिरी प्रवासी श्रमिक अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच जाते, तब तक रेलवे की तरफ से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलती रहेंगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए हमने योजना बना रखी है कि अगले 10 दिनों में 36 लाख लोगों की यात्रा करवाएंगे। उन्होंने कहा, 'अब तक 35 लाख प्रवासी श्रमिक एक राज्य से दूसरे राज्य गए जबकि करीब 10 लाख श्रमिक राज्य के अंदर सफर कर सके हैं। 2,600 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें यात्रा पूरा कर चुकी हैं। 1 मई से अब तक 35 लाख से ज्यादा यात्रियों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाया जा चुका है।' यादव ने कहा, 'राज्य सरकारों के साथ रेलवे ने सभी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने की योजना बना रखी है। जब तक हरेक प्रवासी श्रमिक को उनके गंतव्य तक नहीं पहुंचा लेते तब तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलती रहेंगी।'
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80% श्रमिक स्पेशल ट्रेनें यूपी-बिहार गईं
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि 1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ और तब से अब तक 80% ट्रेनें अकेले उत्तर प्रदेश और बिहार गईं। उन्होंने कहा, '1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने लगे। 20 मई को सबसे ज्यादा 279 ट्रेनें चलाईं। यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड में सबसे ज्यादा ट्रेनें गई हैं। 80 प्रतिशत लोग बिहार और यूपी गए हैं।'

उन्होंने कहा कि रेलवे ने हर जोन में आपात स्थिति में श्रमिकों के लिए ज्यादा ट्रेनें चलाने की व्यवस्थी कर रखी है। यादव ने बताया, 'अभी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का 85% किराया केंद्र सरकार जबकि 15% किराया संबंधित राज्य सरकार देती है। शुरू-शुरू में कुछ एनजीओ ने भी किराए में आंशिक योगदान दिया था।'

पीपीई, मास्क, सैनिटाइजर्स बना रहा है रेलवे
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रेलवे अपने वर्कशॉप्स में पीपीई, मास्क और सैनिटाइजर्स बना रहा है। साथ ही, रेलवे के 17 अस्पतालों को कोविड हॉस्पिटल घोषित कर दिए। इनमें 5 हजार बेड्स हैं। 33 अस्पतालों में कुछ ब्लॉक्स कोविड मरीजों के इलाज के लिए अलग किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड केयर सेंटर्स के लिए रेलवे की बोगियों का इस्तेमाल हो रहा है, श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की बोगियों को भी इस उद्देश्य से उपयोग में लाया जाएगा। रेलवे 47 लाख मील बांट चुका है। यादव ने बताया कि रेलने अनिवार्य वस्तुओं की ढुलाई सुनिश्चित कर रहा है। 
अगले 10 दिन में कितनी ट्रेनें चलेंगी
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा कि अगले 10 दिन में 2600 ट्रेनें चलाई जाएंगी।
 किन राज्यों के बीच चलेंगी?
यह श्रमिक स्पेशल ट्रेनें आंध्र से असम, बिहार से बिहार, छत्तीसगढ़ से छत्तीसगढ़, दिल्ली से गुजरात, गोवा से जम्मू-कश्मीर, गुजरात से कर्नाटक हरियाणा से झारखंड, जम्मू-कश्मीर से केरल, कर्नाटक से मणिपुर, केरल से ओडिशा, मध्य प्रदेश से राजस्थान, महाराष्ट्र से उत्तराखंड, पंजाब से उत्तराखंड, राजस्थान से त्रिपुरा, तमिलनाडु से उत्तर प्रदेश, तेलंगाना से पश्चिम बंगाल के बीच चलाई जाएंगी। इनके अलावा त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ट्रेनें  चलाई जाएंगी।