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कोरोना का डर बना रहा लोगों को मानसिक रोगी, एक्सपर्ट्स से जानें इससे खुद को बचाने के तरीके
April 9, 2020 • Rajkumar Gupta

पटना
कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमित लोगों को सर्दी, खांसी के साथ सांस लेने में तकलीफ शुरू हो जाती है। अब यह वायरस लोगों को मानसिक रूप से बीमार बना रहा है। खास बात यह है कि यह वायरस उन लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित कर रहा है जिन्हें इसका संक्रमण नहीं हुआ है। प्रसिद्ध फिजिशियन डॉक्टर दिवाकर तेजस्वी ने नवभारत टाइम्स.कॉम से बातचीत में बताया कि कोरोना वायरस (Coronavirus) को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन (Lockdown) बेहद जरूरी है। इसलिए लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से घर में रहने वाले लोगों को हमेशा पॉजिटिव सोच रखने की जरूरत है। अगर घर में कोई हार्ट, शुगर या हाई बीपी का पेशेंट है तो वह अपनी दवा को नियमित समय पर लेते रहे। इसके अलावा मेंटल स्ट्रेस कम करने के लिए घर में अगर गार्डन है तो बागवानी करें, नहीं है तो घर के काम में सहयोग करें, शारीरिक श्रम करें योग, प्राणायाम करें और कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर लें।
मीडिया पॉजिटिव खबरें दिखाए
डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने बताया कि लॉकडाउन (Lockdown) में कोरोना वायरस (Coronavirus) की खबरें टीवी और सोशल मीडिया पर देख-देख कर लोग मानसिक तनाव की स्थिति में आ रहे हैं। न्यूज़ चैनल वालों को भी चाहिए कि वह लोगों के सामने पॉजिटिव न्यूज़ दें। जैसे कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित 80 फीसदी से ज्यादा लोग जल्द ठीक हो जाते हैं। बाकी बचे संक्रमित में से 17 से 18 फीसदी लोग भी कुछ दिन में ठीक हो जाते हैं। इसलिए न्यूज़ चैनल ऐसी ही खबरें दिखाएं, जिससे लोग भयभीत ना हो, बल्कि वह मानसिक तौर पर कोरोना को हराने के लिए तैयार रहें।

कोरोना से डरना नहीं, सुरक्षा करना है
डॉ. तेजस्वी ने कहा कि लोगों को सोशल मीडिया की अफवाह पर बिल्कुल ही विश्वास नहीं करना चाहिए। क्योंकि सड़क पर चलने पर दुर्घटना होती ही है, लेकिन इस दुर्घटना में चोट ना लगे इसके लिए लोग हेलमेट पहनते हैं और सुरक्षा के साधन अपनाते हैं। इसी तरह कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचने के लिए भी सतर्कता जरूरी है, डरना जरूरी नहीं है।

डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने बताया कि उनके पास दर्जनों लोगों के फोन आ रहे हैं, जिन्हें सुनकर यही लग रहा है कि वो कोरोना से भयभीत होकर ही फोन कर रहे हैं जबकि उन्हें कोरोना का कोई लक्षण भी नहीं है।

बढ रहे हैं ब्रेन हेमरेज के मामले
आईजीआईएमएस के डायरेक्टर डॉ. विश्वास ने बताया कि सोशल मीडिया और टीवी न्यूज़ पर कोरोना वायरस (Coronavirus) से जुड़ी खबरें देखने के बाद कई लोग मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों में ब्रेन हेमरेज, हाई बीपी और गंभीर सिरदर्द के शिकार कुछ लोगों को अस्पताल में एडमिट किया गया है।

सोशल मीडिया पर ना करें भरोसा
डॉ. विश्वास ने लोगों को सलाह दी है कि, वह सोशल मीडिया की खबरों पर विश्वास ना करें। क्योंकि उन पर बहुत सारी भ्रामक और झूठी खबरें भी आती हैं। जिसे देख या पढ़ कर लोग मानसिक तनाव के शिकार हो जाते हैं। ऐसे वक्त में लोगों को सरकारी चैनल के साथ सरकार द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट को रही पर ही विश्वास करना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि आईजीआईएमएस में पिछले सप्ताह से ऑनलाइन सेवा शुरू की गई है, जिसमें हर दिन बिहार के हर जिले से 300 से 400 मरीज ऑनलाइन अपने बीमारी से संबंधित पूछताछ कर रहे हैं और संबंधित विभाग के सीनियर डॉक्टर उन मरीजों को सलाह दे रहे हैं।

मनोचिकित्सक डॉ. विनय कुमार ने बताया लॉकडाउन में मेंटल स्ट्रेस को कैसे करें कम-:

    पुराने एल्बम, पुरानी फिल्में देखें, पुराने गानों को सुनें।
    खाना बनाना आता है तो घरवालों के लिए खाना बनाइए, नई रेसिपी सीखें।
    जंक फूड, डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ खाने से बचें, ज्यादातर सादा भोजन करें।
    अपने किसी पुराने मित्र से फ़ोन पर बात करें, पुराने दिन की चर्चा करें।
    परिवार के सदस्यों के साथ लूडो, कैरम या शतरंज खेलें, बच्चों को पढ़ायें।
    कोरोना वायरस (Coronavirus) पर सरकार द्वारा कही गयी बातों पर ही यकीन करें।