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कोरोना के डर से नोट धोए, सुखाते वक्त उड़े, लोगों ने पुलिस बुलाई, तब खुला राज
April 17, 2020 • Rajkumar Gupta

नई दिल्ली
पैसों को पाने की हसरत हर किसी के मन में होती है लेकिन कोरोना वायरस के इस दौर में लोग सड़क पर पड़े नोट झपटने के बजाय उन्हें देखकर दूर भाग जाते हैं। उन्हें लगता है कि कहीं नोटों के जरिये वे कोरोना वायरस से संक्रमित न हो जाएं। ऐसा ही एक दिलचस्प वाकया गुरुवार को राजधानी के केशवपुरम इलाके में हुआ। वहां एक गली में पांच-पांच सौ के तीन नोट देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। डर के मारे या तो लोग घर की छतों से झांक रहे थे या खिड़कियों से टकटकी लगाए उन नोटों को देख रहे थे। हर कोई डरा हुआ था, हर किसी के मन में ऐसी आशंका थी कि नोटों को गिराने के पीछे किसी की कोरोना फैलाने की गहरी साजिश है।

पुलिस के मुताबिक, गुरुवार को दोपहर करीब 1:29 बजे पुलिस को एक कॉल मिली। कॉल करने वाले पुलिस को बताया कि गली में पांच-पांच सौ के तीन नोट पड़े हैं। पुलिस फौरन मौके पर पहुंची। एएसआई करण सिंह ने देखा कि तीनों नोट हल्के से गीले नजर आ रहे थे। फौरन उन्होंने पूरे एरिया को कवर कर दिया। पुलिस ने एहतियातन मुंह पर मास्क लगाए, ग्लव्स पहने और फिर इन नोटों को बड़ी ही सावधानी के साथ सैनिटाइज करके कैरी बैग में डाल लिया। नोटों को लेकर पुलिस थाने आ गई।

धोकर सुखाए थे नोट
कुछ ही देर में एक महिला थाने पहुंची। उसने पुलिस से कहा कि मैं एक सरकारी स्कूल में टीचर हूं और जहां से पुलिस पांच पांच सौ के व तीन नोट लाई है, मैं वहीं एक मकान के सेकंड फ्लोर पर रहती हूं। मैंने एटीएम से 10 हजार रुपए निकाले थे। लेकिन कोरोना के संक्रमण के डर से मैंने सभी नोटों को लाकर पहले धो डाला। इसके बाद नोटों को उन्हें सैनिटाइज किया। इसके बाद बालकनी में लाकर सभी नोटों को सुखा दिया। 
महिला ने बताया कि नोटों को सुखाने के बाद मैं सो गई और जो कुछ हुआ, मुझे कुछ भी पता नहीं चला। महिला के बयान पर एसएचओ नरेंद्र कुमार ने नोटों की सीरिज मिलाई और पहचान के लिए एटीएम की स्लिप देखी। बाद में महिला का दावा सही पाए जाने पर नोटों को महिला के हवाले कर दिया गया।