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कोरोना पर सरकार / देशभर में फंसे मजदूरों-छात्रों के लिए 6 श्रमिक ट्रेनें चलाई जाएंगी, सरकार ने कहा- नॉन एसी कोचों में यात्रा, हर किसी की स्क्रीनिंग होगी
May 1, 2020 • Rajkumar Gupta

जिन यात्रियों में सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण मिलेंगे, उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं होगी 
नई दिल्ली. देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों, छात्रों, सैलानियों व अन्य लोगों की आवाजाही के लिए केंद्र सरकार ने विशेष ट्रेनें चलाने की मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को गृह मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। मंत्रालय की संयुक्त सचिव पीएस श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य सरकारें इसके लिए रेलवे बोर्ड से संपर्क करके प्लान तैयार कर लें। रेलवे ने लिंगमपल्ली से हटिया, नासिक से लखनऊ, अलूवा से भुब, नासिक से भोपाल, जयपुर से पटना और कोटा से हटिया तक 6 श्रमिक ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि शुक्रवार को राजस्थान के कोटा शहर से दो स्पेशल ट्रेनें झारखंड के लिए आएंगी। इन ट्रेनों से कोटा में फंसे छात्रों को लाया जाएगा। 

ट्रेनों के संचालन के लिए गाइडलाइन जारी

    ट्रेनों से आवाजाही के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
    ट्रेनों को पहले सैनिटाइज किया जाएगा और हर किसी की स्क्रीनिंग होगी।
    घर पहुंचाने के बाद भी इनकी मेडिकल जांच की जाएगी और 14 दिन क्वारैंटाइन में रखा जाएगा। 
    स्पेशल ट्रेनों से यात्रा करने वाले हर यात्री को अपना फेस जरूर कवर करना होगा। जिस स्टेशन से यात्रा शुरू की जाएगी, वहां की राज्य सरकार यात्रियों के लिए खाने और पानी की व्यवस्था करेगी।
    ट्रेनों का टिकट राज्य सरकार की ओर से नियुक्त किए गए नोडल अफसर को बल्क में दिया जाएगा। 
    जिन लोगों को यात्रा के लिए चिह्नित किया जाएगा, उन्हें स्टेशन पर ही मास्क और सैनिटाइजर दिए जाएंगे। 
    यात्री नॉनएसी कोचेज में यात्रा करेंगे, हर कोच के एक सेगमेंट में 6 यात्री रहेंगे, आमतौर पर यहां 8 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती है। 

रेलवे ने बताया- किसे मिलेगी यात्रा की अनुमति
रेल मंत्रालय ने कहा कि केवल उन्हीं यात्रियों को भेजा जाएगा जिनमें खांसी, सर्दी या बुखार जैसे लक्षण नहीं होंगे। भेजने वाले राज्य सरकार को सोशल डिस्टेंसिंग मानदंडो और अन्य सावधानियों के साथ सेनिटाइज बसों में निर्धारित रेलवे स्टेशन पर बैच में लाना होगा। गंतव्य पर पहुंचने के बाद यात्रियों को राज्य सरकार के हवाले किया जाएगा, जो यात्रियों के स्क्रीनिंग, क्वारंटीन संबंधी सभी की व्यवस्था करेंगे। 
तेलंगाना से झारखंड गई पहली ट्रेन
लॉकडाउन शुरू होने के बाद से ही पैसेंजर्स के लिए ट्रेनें बंद थीं। बार-बार डिमांड हो रही थी कि प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेनें खोल दी जाएं। झारखंड सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने शुक्रवार को एक स्‍पेशल ट्रेन चलाने की इजाजत दे दी। यह स्पेशल ट्रेन तेलंगाना के लिंगमपल्ली में फंसे 1,200 प्रवासियों को झारखंड के हटिया तक ले जाने के लिए रवाना की गई, जो रात करीब 11 बजे हटिया पहुंचेगी। आरपीएफ के डीजी अरुण कुमार ने बताया, '24 बोगियों वाली यह ट्रेन शुक्रवार सुबह 4 बजकर 50 मिनट पर रवाना हुई।'