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कोरोना संकट जयपुर / 84 निजी अस्पताल व मेडिकल कॉलेजों को कब्जे में लेगा जिला प्रशासन, संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए मिल सकेंगे 9377 बैड
March 30, 2020 • Rajkumar Gupta

जयपुर. शहर में कोरोना संकट से निपटने की लिए युद्ध स्तर पर प्रशासनिक तैयारी जारी है। आने वाले कुछ दिन कोरोना संक्रमण को लेकर अहम हो सकते है। ऐसे में जिला कलेक्टर डॉ. जोगाराम ने जयपुर जिले के 84 बड़े निजी अस्पतालों को कब्जे में लेने का आदेश जारी किया है। इन अस्पतालों में कम से कम 50 बेड से लेकर अधिकतम 1100 बेड उपलब्ध है। इनमें सीएमएचओ प्रथम डॉ. नरोत्तम शर्मा के सुपरविजन में 37 निजी अस्पताल रहेंगे। इनमें 4094 बैड उपलब्ध है।

इसके अलावा सीएमएचओ द्वितीय डॉ. हंसराज भंडालिया के सुपरविजन में 47 निजी अस्पताल है। इनमें 5283 बैड उपलब्ध है। कुल मिलाकर 84 अस्पतालों के अधिग्रहण से जयपुर में कम से कम 9077 बेड कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए उपलब्ध हो सकेंगे। इससे माना जा रहा है कि आने वाले वक्त में प्रदेश में कोरोना संकट और गहरा सकता है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आने वाले वक्त में 10 हजार वेंटिलेटर और ज्यादा से ज्यादा वेंटिलेटर की जरुरत पड़ने की बात कहते हुए इनकी बिना टेंडर जारी किए खरीदने के निर्देश दिए थे। 

इसमें प्रदेश की राजधानी जयपुर और भीलवाड़ा सबसे आगे चल रहे है। जहां कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके बाद जोधपुर और अजमेर भी है। जयपुर जिला प्रशासन द्वारा कब्जे में लिए गए इन 47 अस्पतालों की मॉनिटरिंग का प्रभारी सीएमएचओ प्रथम डॉ. नरोत्तम शर्मा को बनाया गया है। उनके सुपरविजन में प्रत्येक अस्पताल का एक फेसिलिटी नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। 

दो घंटे में सीएमएचओ, एसडीएम या तहसीलदार को सौंपने की तैयारी रखें

इस संबंध में जिला कलेक्टर डॉ. जोगाराम ने रविवार, 29 मार्च को सभी निजी अस्पतालों और निजी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य और संचालकों को पत्र जारी कर आदेश दिया था कि कोरोना संक्रमण आपदा घोषित है। इसके लिए राजकीय अस्पतालों के अलावा जरुरत पड़ने पर निजी अस्पतालों को आइसोलेशन व क्वारेंटाईन केंद्रों के रुप में उपयोग लिया जा सकता है। ऐसे में जिला प्रशासन की मांग पर संस्थानों 2 घंटे के अंदर सीएमएचओ, एसडीएम व तहसीलदार को सौंपने की तैयारी रखें। इसके बाद सोमवार से इन अस्पतालों को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरु हो गई।

उल्लेखनीय है कि गत 23 मार्च को ही प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त प्रमुख शासन सचिव रोहित कुमार सिंह ने 100 से ज्यादा बेड वाले अस्पतालों को एक पत्र लिखकर आदेश दिया था कि वे अस्पतालों में 25 प्रतिशत बेड किसी भी वक्त जरुरत पड़ने पर आइसोलेशन वार्ड या क्वारेंटानइन के लिए आरक्षित करके रखें।