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कोरोना संकट का इस्तेमाल मुस्लिमों के नरसंहार की रणनीति बनाने में कर रही है सरकार: अरुंधति राय
April 18, 2020 • Rajkumar Gupta

नई दिल्ली
सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति राय ने सरकार पर कोरोना संकट के दौर में हिंदू-मुस्लिम के बीच तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। उन्होंने जर्मन न्यूज नेटवर्क डॉचे वेले (DW) से कहा कि 'कोरोना संकट से निपटने में सरकार की इस कथित रणनीति (दो समुदायों के बीच खाई बढ़ाने की) से ऐसी स्थिति पैदा होगी जिस पर दुनिया को नजर रखनी चाहिए।' उन्होंने आगे कहा, 'हालात जीनोसाइड (जातीय या सामुदायिक संहार) की तरफ बढ़ रहे हैं।'
PTV ने ट्वीट किया अरुंधति का बयान
उन्होंने कहा, 'कोविड-19 में जो हुआ, उससे भारत के बारे में वो चीजें बाहर निकलकर आ गई हैं जिनके बारे में हम सबको पता है।' राय ने कहा, 'हम सिर्फ कोविड से ही पीड़ित नहीं हैं, बल्कि घृणा और भूख के संकट से भी ग्रस्त हैं।' अरुंधति के इन बयानों का सोशल मीडिया ट्विटर पर जमकर विरोध हो रहा है। वहीं, पाकिस्तानी सरकारी न्यूज चैनल ने अरुंधति का बयान ट्वीट किया है। पाकिस्तान में अब उनके बयान को हाथोंहाथ लिया जा रहा है।

नाजी होलोकास्ट से की तुलना
अरुंधति ने आगे कहा, 'यह संकट मुसलमानों के प्रति घृणा का है जो दिल्ली में हुए नरसंहार के तुरंत बाद सामने आया है। दिल्ली में मुस्लिम विरोधी कानून के खिलाफ प्रदर्शन के कारण दंगे हुए थे।' राय ने कहा, 'कोविड-19 की आड़ में सरकार युवा विद्यार्थियों को गिरफ्तार कर रही है। वकीलों, वरिष्ठ संपादकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों के खिलाफ केस दर्ज कर रही है। कुछ को हाल ही में जेल में डाल दिया गया।'

राय यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने सरकार के इन कदमों की तुलना नाजी होलोकास्ट से कर दी। उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना संकट का जैसा रणनीतिक इस्तेमाल रही है वह याद दिलाता है कि कैसे नाजियों ने होलोकास्ट की रणनीति बनाई थी।

'मुसलमानों की छवि खराब कर रही है सरकार'
उन्होंने कहा, 'आरएसएस का पूरा संगठन जिससे मोदी आते हैं और जिससे बीजेपी का जन्म हुआ है, ने बहुत पहले ही कहा था कि भारत को हिंदू राष्ट्र होना चाहिए। इसकी विचारधारा भारत के मुस्लिमों को जर्मनी के यहूदियों की तरह देखती है। अगर आप देखेंगे कि वो कोविड का कैसा इस्तेमाल कर रहे हैं तो पता चलेगा कि यह रणनीति कुछ ऐसी ही है जो यहूदियों की छवि बनाने में इस्तेमाल हुई थी।'

अरुंधति पर निशाना
बहरहाल, अरुंधति के इन बयानों का विरोध भी हो रहा है। कई लोगों का कहना है कि अरुंधति यह प्रॉपेगैंडा इसलिए फैला रही हैं ताकि सरकार तबलीगी जमात पर कार्रवाई करने से हाथ खींच ले। ट्विटर पर सौरभ भट्टाचार्य ने लिखा, 'आश्चर्य है कि तबलीगी जमात नामक कट्टर सुन्नी मुस्लिमों के संगठन में शामिल हुए भारतीय मुसलमानों का एक समूह रातोंरात कोविड-19 केस बढ़ा देता है। अरुंधति राय अब इसलिए विक्टिम कार्ड खेल रही हैं ताकि उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए।'

वहीं, डेविड वांस ने लिखा, 'क्या आपने कभी जम्मू-कश्मीर में हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यकों की छवि निर्माण कर लाखों लोगों के पलायन की बात की है?'