ALL Rajasthan
कोरोना वायरस लॉकडाउन: बालकनी से थूका... पैथ लैब में भीड़ लगाई, हो सकता है केस!
April 17, 2020 • Rajkumar Gupta


कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान घर से निकलते वक्त मास्क पहनना और दुकान पर लोगों से 3 फुट की दूरी बनाए रखना जरूरी है। इसके अलावा कुछ आदतें भी सुधारने की दरकार है, वरना कानून तोड़ने पर मुकदमा लगने से कोई नहीं रोक सकता है।

कोरोना वायरस लॉकडाउन: बालकनी से थूका... पैथ लैब में भीड़ लगाई, हो सकता है केस!लॉकडाउन में छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर आप कोरोना को तो दस्तक देंगे ही, मुकदमेबाजी में भी फंस सकते हैं।
बालकनी से भी मत थूकना


कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर सजा और जुर्माना दोनों होगा। इसके साथ ही घर के आसपास, या बाकलनी से भी न थूकें। ऐसा इसलिए क्योंकि राजधानी के न्यू अशोक नगर इलाके में एक शख्स पर पहली मंजिल की बालकनी से सड़क पर थूकने की वजह से एफआईआर हुई है। रामवती (45) झिलमिल कॉलोनी में रहती हैं और ईस्ट एमसीडी में सफाई कर्मचारी हैं। वह बुधवार सुबह सफाई कर रही थीं। एक मकान की पहली मंजिल से एक युवक नीचे थूकने लगा। रामवती ने उसे ऐसा करने से टोका, तो वह उलटा उनसे झगड़ने लगा। आरोप है कि वह धमकी देते हुए बोला कि जो तेरे बस की है, कर ले। आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और युवक को समझाया, लेकिन लड़के ने गलती नहीं कबूली। सफाई कर्मचारी ने पुलिस कॉल कर दी। इसके बाद थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी की पहचान बदरूद्दीन (30) के तौर पर हुई।
पैथ लैब में भीड़, मालिक पर केस


दिल्ली के ही जीटीबी एनक्लेव में एक पैथ लैब के मालिक पर पेशंट की भीड़ जमा करने पर मुकदमा दर्ज हो गया। वहां बुधवार सुबह 10 बजे के करीब 20 पेशंट टेस्ट कराने के लिए खड़े थे। कॉलोनी के गार्ड कविंद्र तोमर ने पुलिस कॉल कर दी। जीटीबी एनक्लेव थाना पुलिस ने मौका मुआयना किया तो भीड़ मिली, जो पुलिस को देखते ही तितर-बितर हो गई। पुलिस ने गार्ड के बयान पर लैब के मालिक राकेश जैन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
​मास्क लगाकर ही निकलना


केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को लॉकडाउन के दूसरे चरण के दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसमें बताया गया था कि 3 मई तक घर से निकलने वालों को मास्क पहनना/चेहरा ढकना जरूरी होगा।
​शादी में जुटाई भीड़ तो 2 साल के लिए अंदर


कोरोना वायरस के दौर में काफी सिंपल शादियां हमने देखीं। किसी में बैंड-बाजा नहीं था तो किसी में गिनती के बाराती थे। सरकारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, शादी में भीड़ जुटाने पर एक साल सजा और इससे किसी को जान का नुकसान हुआ तो 2 साल सजा हो सकती है।
​कानून नहीं मानने पर दो साल सजा

कानून तोड़ने वालों और अन्य की जान-माल का खतरा पैदा करने की स्थिति में आपदा प्रबंधन अधिनियम की धाराओं में ऐक्शन होगा। अधिकतम दो साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।