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लॉकडाउन में ई-कॉमर्स कंपनियां गैर-जरूरी सामान नहीं बेच पाएंगी, गाइडलाइन में संशोधन किया गया-महामारी के कारण मजदूरों के दूसरे राज्यों में जाने पर रोक, सरकार ने कहा- जहां हैं, वहीं रहें
April 19, 2020 • Rajkumar Gupta

नई दिल्ली. कोरोना महामारी की वजह से मजदूरों के एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर रोक लगा दी गई है। गृह मंत्रालय ने मंत्री समूह की बैठक के बाद इस पर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम जारी किया है। इसमें कहा गया है कि जो जहां है, वहीं रहे। राज्य सरकारें मजदूरों को उनकी क्षमता और योग्यता के हिसाब से काम दें। प्रवासी मजदूरों का समूह राज्य के अंदर ही अपने कार्य स्थल पर जाना चाहे तो उनकी स्क्रीनिंग की जाए, जिनमें बीमारी के लक्षण न हों उन्हें उनके कार्यस्थल ले जाया जाए।

ई-कॉमर्स कंपनियाें की गाइडलाइन में बदलाव
गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन पर 15-16 अप्रैल को जारी अपनी गाइडलाइन में संशोधन भी किया है। इसमें कहा गया कि लॉकडाउन के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियाें द्वारा गैर-जरूरी वस्तुओं की सप्लाई नहीं की जा सकेगी। इस पर प्रतिबंध जारी रहेगा। यानी इन कंपनियों से अभी मोबाइल, टीवी, रेफ्रिजरेटर और रेडीमेड गारमेंट जैसे गैर जरूरी सामान नहीं खरीद सकेंगे। सरकार ने 4 दिन पहले जारी गाइडलाइन में ई-कॉमर्स कंपनियों को 20 अप्रैल से सभी सामानों की सप्लाई की छूट दी थी। 
बदली हैं गाइडलाइन्स, समझ लें 20 अप्रैल से किस-किस काम के लिए होगी छूट

21 दिन के लॉकडाउन को बढ़ाकर 40 दिनों का कर दिया गया और साथ ही 20 अप्रैल यानी सोमवार से कुछ ढील का ऐलान किया गया था। लेकिन कोरोना के कहर और रिटेलर्स के विरोध को देखते हुए सरकर ने गाइडलाइन्स में आज फिर बदलाव कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने ट्वीट कर एक लिस्ट जारी है, जिसमें लॉकडाउन में छूट पाने वाली ऐक्टिविटीज में हेल्थकेयर, कृषि, हॉर्टिकल्टर, मछलीपालन और पशुपालन शामिल हैं।

जो इलाके कोरोना हॉटस्पॉट नहीं हैं, वहां इन गतिविधियों के लिए छूट दी गई है। सरकार ने जरूरी गतिविधियों और सर्विसेज की सप्लाई में कुछ ढील देने का फैसला किया था, लेकिन आज फिर नई गाइडलाइन्स आई हैं। आइए पॉइंट्स में समझ लेते हैं कि सप्लाई चेन को मेनटेन रखने के लिए कौन-कौन सी सर्विसेज और ऐक्टिविटीज में छूट रहेगी ताकि आपको फैसले लेने में आसानी हो। यहां याद रखें कि कोरोना वाले इलाकों में ये छूट नहीं होगी।

लॉकडाउन में इन सर्विसेज और ऐक्टिविटीज को छूट
1. स्वास्थ्य सेवाएं। इसमें AYUSH सेवाएं फँक्शनल रहेंगी।
2. सभी तरह की कृषि, हॉर्टिकल्टर गतिविधियां की जा सकेंगी।
3. मछलीपालन से जुड़ी गतिविधियों (मरीन या इनलैंड) का संचालन किया जा सकेगा।
4. चाय, कॉफी, रबड़ आदि का प्लांटेशन किया जा सकेगा। लेकिन इसके लिए 50 फीसदी वर्करों के साथ काम की इजाजत।
5. पशुपालन किया जा सकेगा।
6. वित्तीय क्षेत्र का कामकाज जारी रहेगा।
7. सोशल सेक्टर का कामकाज जारी रहेगा।
8. पेट्रोल पंप जैसी पब्लिक यूटिलिटीज सेवाओं को छूट
9. सामान की ढुलाई का काम चलता रहेगा।

10. मनरेगा से जुड़ी गतिविधियों को इजाजत। लेकिन सोशल डिस्टैंसिंग और फेस मास्क के साथ होगा काम।
11. जरूरी सामान की सप्लाई को छूट
12. कमर्शल व प्राइवेट कंपनियों को काम करने की छूट
13. इंडस्ट्रीज/औद्योगिक इकाइयां(सरकारी व निजी) को काम की इजाजत।
14. कंस्ट्रक्शन से जुड़े काम किए जा सकेंगे।
15. मेडिकल व वेटिनरी केयर और जरूरी सामान की खरीदारी जैसी जरूरी सेवाओं के लिए प्राइवेट वीइकल का इस्तामल किया जा सकेगा। इसके अलावा, जो लोग छूट प्राप्त कैटिगरी में काम के सिलसिले में बाहर जा रहे हैं उनको इजाजत होगी।
16. केंद्र, राज्य व केंद्रशासित प्रदेशों के सभी दफ्तर खुले रहेंगे।