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लॉकडाउन: शादियां खतरे में, 3 गुना बढ़े 'तलाक' के मामले
April 19, 2020 • Rajkumar Gupta

नई दिल्ली
देश में कोरोना वायरसफैलने की वजह से लॉकडाउन  लागू है और लॉकडाउन के चलते देश में तलाक ) के मामले बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं। यूं तो शादी के मामलों से जुड़े मृणालिनी देशमुख और अश्विनी पाठक जैसे वकीलों के पास लॉकडाउन के दौरान काम नहीं होना चाहिए, लेकिन उनके पास लगातार क्लाइंट्स के कॉल आ रहे हैं। बांद्रा फैमिली कोर्ट बंद है, सिर्फ एक जज वहां हैं, जो अर्जेंट मामलों को देखेंगे। बावजूद इसके देशमुख लगातार अपने क्लाइंट्स से वीडियो कॉल पर बात कर रहे हैं, जिनमें से एक हैं 5 साल के बच्चे की मां, जो खुशी-खुशी तलाक लेना चाहती हैं। पाठक के पास भी तलाक को लेकर फोन आ रहे हैं। देशमुख का कहना है कि तलाक की वजहें भी मामूली हैं, जैसे एसी का स्विच ऑफ क्यों किया?
अन्य वकील और ऑनलाइन लीगल एडवाइजर भी बता रहे हैं कि तलाक के मामलों को लेकर पूछताछ लगातार बढ़ती ही जा रही है। घरों में एक साथ कैद रहने के चलते बहुत से लोगों की पहले से ही खराब चल रही रिलेशनशिप खत्म होने के कगार पर पहुंच चुकी है।

जनता कर्फ्यू से अब तक तीन गुना बढ़े मामले
ऑनलाइन लीगल प्लेटफॉर्म के फाउंडर अक्षत सिंघल कहते हैं कि चीन में क्वारंटीन के दौरान तलाक के मामले बढ़े थे, लेकिन भारत में जनता कर्फ्यू के बाद से ऐसे मामलों में तीन गुना बढ़ोतरी ने चिंता में डाल दिया है। इसकी एक बड़ी वजह घरेलू हिंसा है। नौकरी और पैसों की चिंता की वजह से लोग तनाव में हैं, खासकर छोटे बिजनेस के मालिक और कर्मचारी। वह बताते है कि इस समय लोग घरों से बाहर नहीं जा पा रहे हैं तो वह घरों से ही ऑनलाइन या फोन के जरिए तलाक के बार में पूछताछ कर रहे हैं।

लव मैरिज वाले भी तलाक की तलाश में
रोहिणी और सुमित ने दो साल पहले लव मैरिज की थी, लेकिन इसी सप्ताह दोनों के बीच में ऐसी कहासुनी हुई कि अब रोहिणी तलाक के लिए ऑनलाइन लीगल एडवाइस ले रही हैं। ऐसा नहीं है कि पहली बार उन दोनों के बीच लड़ाई हुई है, लेकिन ये पहली बार है, जब रोहिणी को इतना अधिक गुस्सा आया है। बेंगलुरु की आईटी प्रोफेशनल रोहिणी बताती हैं कि वह काफी सोशल हैं और दोस्तों के साथ मिलते रहना उन्हें अच्छा लगता है। वह कहती हैं कि अगर वह बाहर जा पातीं, दोस्तों से मिल पातीं, तो शायद उन्हें बेहतर महसूस होता। लेकिन वह तो घर में ही उस शख्स के साथ फंस गई हैं, जिसका वह चेहरा तक नहीं देखना चाहतीं। वह कहती हैं कि उनका ये फैसला अचानक जरूर आया है, लेकिन उनका गुस्सा काफी समय से बढ़ता जा रहा था।

तलाक कराने वाले वकीलों को खोज रहे लोग
वकीलों की खोज करने वाले प्लेटफॉर्म लॉरेटो के फाउंडर रोहन महाजन ने भी तलाक की पूछताछ में तगड़ी बढ़त देखी है। वह बताते हैं कि 10 में से 6 लोग तलाक की ही बात कर रहे हैं। एक अन्य वेबसाइट Lawyered.in ने भी पाया है कि तलाक की पूछताछ में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। बाकी लोग काउंसलर्स के पास जा रहे हैं। सोनल सेठ एक साइकोथेरेपिस्ट हैं, जो बताती हैं कि शादीशुदा लोग उनके पास बड़ी संख्या में आ रहे हैं।

एक स्टार्टअप के फाउंडर राजीव और उनकी एंट्राप्रेन्योर पत्नी पिया के बीच भी सब ठीक नहीं है, लेकिन जैसे-जैसे दोनों ही स्थिति को संभाल रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से होने वाली आर्थिक परेशानी से दोनों ही परेशान हैं और अपने-अपने तनाव को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसकी वजह से छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आने लगा है।

खुल रहे हैं दबे हुए राज
मुंबई की साइकोलॉजिस्ट वर्खा चुलानी कहती हैं कि लॉकडाउन उन रिश्तों में और कड़वाहट पैदा कर सकता है, जो पहले से ही तनाव की स्थिति में हैं। बहुत सारी भारतीय शादियां इसलिए चलती रहती हैं क्योंकि लोग काम के लिए बाहर जाते हैं और लोगों से मिलते-जुलते रहते हैं, लेकिन लॉकडाउन की वजह से उन्हें एक दूसरे के साथ ही रहने पर मजबूर होना पड़ गया है। कई बार इतनी करीबियों के चलते कुछ ऐसे सच बाहर आ जाते हैं, जो दुख देने वाले होते हैं।

मुबंई की एक तलाक कराने वाली वकील वंदना शाह कहती हैं कि उन्हें एक 40 साल के शख्स का बार-बार तलाक कराने के लिए फोन आ रहा है, जिसे हाल ही में पता चला है कि उसकी पत्नी का फोन पर एक ब्वायफ्रेंड है। करीब एक हफ्ते से वंदना शाह और उनकी 3 वकीलों की टीम फ्री लीगल एडवाइस दे रही है और हर रोज करीब 150 तलाक के मामलों की पूछताछ उनके सामने आ रही है।

तलाक, फिर शादी, फिर तलाक...
वह कहती हैं कि जिन लोगों की शादियां पहले से ही तनाव की स्थिति में थीं, वह इस लॉकडाउन के दौरान खतरे में पड़ गई हैं। उन्होंने चंडीगढ़ के एक कपल का उदाहरण भी दिया, जो पिछले साल जनवरी में ही एक दूसरे से अलग हुए थे और नवंबर में अपने बच्चे के लिए दोनों फिर से एक साथ आए थे। अब वह एक बार फिर तलाक लेने की सोच रहे हैं।

चुलानी अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहती हैं कि यह लॉकडाउन एक मौका है, जिसके जरिए दूरियां मिटानी चाहिए और विश्वास का आधार बनाना चाहिए। कपल्स को एक साथ बैठकर बात करनी चाहिए और ये सोचना चाहिए कि दोनों को एक दूसरे का साथ क्यों जरूरी है। आखिर इसके लिए लॉकडाउन से अच्छा मौका क्या हो सकता है?