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महाराष्ट्र के औरंगाबाद में पटरी पर सोये प्रवासी मजदूरों के ऊपर से मालगाड़ी गुजरने से 16 की मौत
May 8, 2020 • Rajkumar Gupta

औरंगाबाद
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में पटरी पर सोये प्रवासी मजदूरों के ऊपर से मालगाड़ी गुजरने से 16 की मौत हो गई है। मरने वालों में मजदूरों के बच्चे भी शामिल है। घटना शुक्रवार तड़के करमाड पुलिस स्टेशन थाने के अंतर्गत की है। दक्षिण मध्य रेलवे के सीपीआरओ ने बताया, 'घटना करमाड के नजदीक हुई। खाली मालगाड़ी प्रवासी मजदूरों के ऊपर से गुजर गई।'

औरंगाबाद ट्रेन हादसे में एसपी मोक्षदा पाटिल ने एनबीटी को बताया कि इस हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत हुई है जबकि 3 लोग इस हादसे से सुरक्षित बच गए हैं जो पटरी के पास में बैठे हुए थे।

औरंगाबाद हादसा: पुलिस ने की 16 मौतों की पुष्टि
औरंगाबाद हादसा: पुलिस ने की 16 मौतों की पुष्टिमहाराष्ट्र के औरंगाबाद में शुक्रवार की सुबह बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। सुबह करीब सवा 5 बजे करमाड इलाके में अपने घरों को लौट रहे 16 मजदूरों की मालगाड़ी से कटने के चलते मौत हो गई। जिले की एसपी मोक्षदा पाटिल ने हादसे के बारे में जानकारी दी।

घटना पर रेलवे की सफाई
हादसे पर रेलवे ने बयान जारी कहा, 'ट्रैक पर कुछ मजदूरों को देखकर लोको पायलट ने ट्रेन रोकने की कोशिश की लेकिन तब तक मजदूर उसकी चपेट में आ चुके थे। घटना बदनारपुर और करमाड स्टेशन के बीच परभानी-मनमाड़ सेक्शन की है। घायलों को औरंगाबाद सिविल अस्पताल ले जाया गया है। जांच के आदेश दिए गए हैं।'

शिवराज ने किया मुआवजे का ऐलान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने औरंगाबाद घटना पर दुख जताते हुए मृतक मजदूरों के परिवार को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की है। मध्य प्रदेश सरकार एक विशेष विमान और टीम औरंगाबाद भेज रही। यह टीम घायल मजदूरों के उपचार सहित मृतक मजदूरों की समुचित व्यवस्था करेगी। शिवराज सिंह चौहान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के संपर्क में है और घायल मजदूरों के उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ले रहे हैं।


पीएम मोदी ने दुख व्यक्त किया
महाराष्ट्र दुर्घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेल हादसे में जानमाल के नुकसान से बेहद दुखी हूं। रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात की है, वह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।'

गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, 'महाराष्ट्र रेल हादसे के कारण जान-माल का नुकसान शब्दों से परे हैं। मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन से संबंधित अधिकारियों से बात की है और हरसंभव सहायता करने के लिए कहा है। मेरी संवेदना शोक संतृप्त परिवारों के साथ है।' 
रेल मंत्री ने ट्वीट किया
वहीं रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा, 'आज 5:22 AM पर नांदेड़ डिवीजन के बदनापुर व करमाड स्टेशन के बीच सोये हुए श्रमिकों के मालगाड़ी के नीचे आने का दुखद समाचार मिला। राहत कार्य जारी है, और इंक्वायरी के आदेश दिए गए हैं। दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।' उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी शोक व्यक्त किया।

ट्रैक पर बिखरीं रोटियां
हादसे के बाद ट्रैक पर मजदूरों के शवों के साथ रोटियां भी बिखरी हुई हैं जो उन्होंने खाने के लिए अपने पास रखी थीं। बताया जा रहा है कि प्रवासी मजदूर रेल की पटरियों पर सोये और अचानक उनके ऊपर मालगाड़ी गुजर गई। नींद में होने की वजह से किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला। घटनास्थल पर कुछ पुलिस अधिकारी और आरपीएफ मौजूद हैं।

थककर ट्रैक पर ही सो गए थे मजदूर
सभी मजदूर एक स्टील फैक्ट्री में काम करते थे। हादसा बदनापुर और करमाड के बीच हुआ। सभी मजदूर औरंगाबाद से गांव जानेवाली ट्रेन पकड़ने के लिए जालना से औरंगाबाद पैदल जा रहे थे। रात अधिक होने के चलते सभी ने सटाना शिवार इलाके में पटरी पर ही अपना बिस्तर लगा लिया। सुबह इसी पटरी से एक माल गाड़ी गुजरी और 15 मजदूर उसकी चपेट में आ गए। 
भुसावल से ट्रेन पकड़ने वाले थे मजदूर
औरंगाबाद की एसपी मोक्षदा पाटिल ने बताया कि सभी लोग जालना में कंपनी में काम करते थे। भुसावल जाकर ट्रेन पकड़ने वाले थे। सभी लोग 45 किलोमीटर का सफर तय कर चुके थे। सभी लोग मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। तड़के करीब 5:15 बजे की घटना हुई है। भुसावल से स्पेशल ट्रेन के जरिए मध्य प्रदेश लौटने की प्लानिंग थी।
हादसे के बाद की तस्वीर