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महिलाओं का सेक्‍स हार्मोन्‍स बचा सकता है कोरोना वायरस पुरुष की जान
April 29, 2020 • Rajkumar Gupta

न्‍यूयॉर्क
दुनियाभर में कोरोना वायरस के प्रकोप से दो लाख 17 हजार लोग मारे गए हैं। कोरोना से मरने वालों सबसे ज्‍यादा तादाद पुरुषों की है। इस महामारी से जंग लड़ रहे व‍िश्‍वभर के डॉक्‍टरों और वैज्ञानिकों के लिए अभी तक यह पहले बना हुआ था कि महिलाएं कैसे कोरोना वायरस के कहर से बच रही हैं। अब इसका खुलासा हो गया है। अमेरिकी डॉक्‍टरों का कहना है कि यह महिलाओं का सेक्‍स हार्मोन्‍स है जो उनकी जान बचाए रखा हुआ है।
लॉस एंजिलिस के सेडार्स सिनाई मेडिकल सेंटर की डॉक्‍टर सारा घंदेहरी ने न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स से बातचीत में कहा कि कोरोना से संक्रमित करीब 75 प्रतिशत पुरुषों को आईसीयू या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस से बेहद ज्‍यादा प्रभावित न्‍यूयॉर्क में महिलाओं की तुलना में संक्रमित पुरुषों के मरने की तादाद लगभग दोगुना है।

'हार्मोन इंसान की बच्‍चों को पैदा करने की क्षमता के लिए अहम'
शोधकर्ताओं ने बताया कि एस्‍ट्रोजेन और प्रोजेस्‍टेरॉन हार्मोन इंसान की बच्‍चों को पैदा करने की क्षमता के लिए बहुत अहम हैं लेकिन हाल ही में हुए शोध में पता चला है कि ये दोनों हार्मोन महिलाओं में ज्‍यादा तादाद में पाए जाते हैं। ये दोनों हार्मोन इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता और खराब हुए टिश्‍यूज को ठीक करने के लिए भी बहुत महत्‍वपूर्ण हैं। इसी वजह से महिलाएं जैविक रूप से पुरुषों की तुलना में कोरोना वायरस से ज्‍यादा अच्‍छे से सामना कर पा रही हैं।

चीन भी इस तरह का शोध हुआ था और अब हाल ही में सेडार्स स‍िनाई एवं रेनाईसेंस स्‍कूल ऑफ मेडिसिन ने हार्मोन्‍स के अध्‍ययन के लिए क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने जा रहे हैं। इस ट्रायल का मकसद कोरोना वायरस के मरीजों के लिए हार्मोन्‍स के जरिए इलाज तलाश करना है। स्‍टोनी ब्रुक यूनिवर्सिटी की डॉक्‍टर शरोन नाचमन ने कहा, 'कोरोना के संबंध में हम संभवत: यह नहीं जान सकते हैं कि कैसे एस्‍ट्रोजेन काम करता है लेकिन हम यह देख सकते हैं कि कैसे मरीज करते हैं।'

इलाज से ज्‍यादा उम्‍मीद न लगाएं: आलोचक
अब इन हार्मोन्‍स को लेकर परीक्षण शुरू होने जा रहा है। इसमें 18 साल से ऊपर के पुरुषों और 55 साल के ऊपर की महिलाओं को शामिल किया जाएगा। 55 के ऊपर की महिलाओं का मेनोपॉज़ की वजह से हार्मोन लेवल बहुत कम हो जाता है। इस बीच आलोचकों ने चेतावनी दी कि इस इलाज से ज्‍यादा उम्‍मीद न लगाएं क्‍योंकि एक तथ्‍य यह भी है कि बुजुर्ग पुरुष उम्रदराज महिलाओं की तुलना में कोरोना वायरस से ज्‍यादा मर रहे हैं।

पुरुषों पर कोरोना वायरस के संक्रमण का अध्‍ययन करने वाली साबरा क्‍लेइन ने कहा कि महिलाओं के कोरोना से लड़ने में स‍िर्फ हार्मोन्‍स ही कारण नहीं हैं। इसके अलावा कुछ जेनेटिक या कुछ और है। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि अगर पुरुषों में महिलाओं के सेक्‍स हार्मोन्‍स को डाला जाता है तो इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।