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पत्नी ने दी मुखाग्नि, कोरोना के डर से अर्थी को कंधा देने भी नहीं आया कोई रिश्तेदार
April 6, 2020 • Rajkumar Gupta

पड़ाव बबुरी।  कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने का डर लोगों में इनता ज्यादा है कि वह किसी के अंतिम संस्कार तक में शामिल नहीं हो रहे हैँ। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में कुछ ऐसा वाकया सामने आया। यहां एक युवक की मौत हो गई तो ना रिश्तेदार आए और ना ही पड़ोसी। अर्थी को कंधा देने के लिए भी चार लोग नसीब नहीं हुए। इसके बाद पत्नी ने किसी तरह जिला पंचायत सदस्य की मदद से शव को घाट पहुंचवाया और खुद ही चिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार पूरा किया। 

बबुरी कस्बा के मजदूर 40 वर्षीय संतोष जायसवाल की रविवार की सुबह जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। बेबसी की मारी पत्नी गुड़िया पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। लॉक डाउन में ग्रामीण जहां शव यात्रा में शामिल होने से इनकार कर दिए। वहीं शव के दाह संस्कार के लिए पैसा आड़े आने लगा। जिपं सदस्य सूर्यमुनी तिवारी ने निजी साधन से शव को बाबा अवधूत भगवान घाट पड़ाव भिजवाया। जहां जिपं सदस्य शिवशंकर सिंह पटेल, सुभाष मौर्या व देव मौर्या ने लकड़ी व अन्य सामान की व्यवस्था की। घाट पर गुड़िया ने पत्नी धर्म का पालन करते हुए शव को मुखाग्नि दी।

पीडीडीयू नगर के नईबस्ती अलीनगर की गुड़िया देवी की बबुरी कस्बा के बिहारी जयसवाल के पुत्र संतोष जायसवाल से शादी हुई थी। तीन वर्ष पूर्व बेटी रोशनी का जन्म हुआ। एक वर्ष पूर्व ससुर बिहारी की मौत हो गई। संतोष मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। दो माह पूर्व संतोष की तबीयत खराब हो गई, तो उसका उपचार जिला अस्पताल से चल रहा था। इसी बीच गुड़िया के भाई की भी मौत हो गई। दो सप्ताह पूर्व संतोष की तबीयत पुन: खराब हो गई। संतोष को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां रविवार की अलसुबह उसकी मौत हो गई। गुड़िया शव लेकर मायके पहुंची। उसने भाजपा नेता यूर्यमुनी तिवारी से गुहार लगाई। उन्होंने तत्काल साधन उपलब्ध कराकर शिवशंकर सिंह पटेल को अवगत कराया। इधर, गुड़िया अपने पति का शव लेकर अवधूत भगवान राम घाट पड़ाव पहुंची। शिवशंकर सिंह पटेल ने लकड़ी व अन्य सामान की व्यवस्था की। गुडिया ने पति के शव को मुखाग्नि दी।

भाजपा नेता ने ली जिम्मेदारी
जिला पंचायत सदस्य सुर्यमुनी तिवारी ने गुडिया व उसकी तीन वर्षीय बेटी की पूरी जिम्मेदारी ली है। उन्होंने बताया कि अपने निजी विद्यालय में गुड़िया को योग्यतानुसार नौकरी और रोशनी को पढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि रोशनी को शिक्षा ग्रहण कराने के बाद शादी तक की जाएगी।