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पीयूष गोयल बोले- लोगों को घर पहुंचाने के लिए रोज चलवा सकते हैं 300 ट्रेनें, राज्य ही नहीं तैयार
May 14, 2020 • Rajkumar Gupta

नई दिल्ली
भारत में कोरोना वायरस  से संक्रमित लोगों की संख्या तकरीबन 75 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है। उधर, देश के अलग-अलग हिस्सों से अभी भी ऐसी तस्वीरें आ रही हैं, जिसमें प्रवासी मजदूर पैदल ही अपने घरों की दूरी तय करने को मजबूर है। इसको लेकर केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने एक अहम जानकारी दी है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय रेलवे लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोज तकरीबन 300 गाड़ियां चला सकती है लेकिन कई राज्य ये सुविधा ले ही नहीं रहे हैं। वे अपने यहां के लोगों को बुलाना ही नहीं चाहते हैं। ऐसे में क्या किया जा सकता है।

पीयूष गोयल ने कहा, 'मैं अपने सभी मजदूर भाई-बहनों को बताना चाहूंगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मुझे स्पष्ट निर्णय देकर यह सुविधा सुनिश्चित की है कि 300 गाड़ियां रोज चल सकती हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से चलकर आपको ये गाड़ियां घर पहुंचा सकती हैं। ऐसी 1200 गाड़ियां हमने सुरक्षित रखी हैं लेकिन मैं ये ट्रेनें पहुंचा नहीं पा रहा हूं। कई राज्य ट्रेनों को आने नहीं दे रहे हैं।'

अपने लोगों को वापस नहीं ला रहा पश्चिम बंगााल!
केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा, 'यूपी में 300 से ज्यादा गाड़ियां चली गईं। बिहार में 170 गाड़ियां गईं। गृहमंत्री के पत्र लिखने के बावजूद पश्चिम बंगाल में शुरू में 9 मई तक सिर्फ 2 गाड़ियां ली गई थीं। एक तो अजमेर शरीफ राजस्थान से और एक एर्नाकुलम से। गृहमंत्री की चिट्ठी के बाद हमें पता चला कि 8 गाड़ियों की परमिशन 8 तारीख को दी गई है। 9 तारीख की दोपहर तक इस परमिशन का कुछ पता ही नहीं था। आपको बता दूं कि पश्चिम बंगाल में 8 गाड़ियां भी नहीं ली गईं। 13 तारीख की दोपहर 3 बजे तक सिर्फ 7 गाड़ियां देश के अलग-अलग हिस्सों से पश्चिम बंगाल के लिए निकल पाई हैं। गाड़ियां खाली पड़ी हैं लेकिन हम भेज नहीं पा रहे हैं।' 
वापस आना चाहते हैं लोग तो आने दीजिए'
पीयूष गोयल ने कहा, 'मैं सभी राज्यों से अनुरोध करूंगा कि उनके जो लोग वापस आना चाह रहे हैं, उन्हें आने दीजिए। अर्थव्यवस्था फिर तेजी से आगे बढ़ेगी, सबको काम फिर मिल जाएगा लेकिन इसके लिए सभी राज्यों को मिलजुलकर काम करना चाहिए। अपने लोगों को सुरक्षित घर जाने दीजिए। लोगों की स्टेशन पर जांच कीजिए। कोई दिक्कत हो तो उन्हें अस्पताल लेकर जाइए।'