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राजस्थान में कोरोना के 847 मामले / 43 नए पॉजिटिव केस सामने आए, जिसमें 20 जयपुर, 11 भरतपुर और 7 जोधपुर से
April 13, 2020 • Rajkumar Gupta

कोरोना के मामले लगातार सामने आने के बाद जयपुर समेत राज्य के कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

जयपुर. राजस्थान में कोरोनो संक्रमितों का आंकड़ा 847 पहुंच गया है।  सोमवार को भी यहां 43 नए पॉजिटिव केस सामने आए। जिसमें 20 जयपुर में संक्रमित मिले। 11 भरतपुर जिले के बयाना के कसाई पाड़ा मोहल्ले से हैं। वहीं 7 जोधपुर, 3 दौसा, झलावाड़ और बांसवाड़ा में एक-एक पॉजिटिव मिल। वहीं देर रात टोंक में एक 60 साल के बुजुर्ग की मौत भी हो गई।

इससे पहले रविवार को राज्य में 104 नए पॉजिटिव केस सामने आया। जिसमें जयपुर में 40, बांसवाड़ा में 15, टोंक में 12, जोधपुर में 8, बीकानेर में 8, कोटा में 7, नागौर में 5, चूरू में 3, हनुमानगढ़ में 2, जोधपुर में 2(ईरान से आए), जैसलमेर और सीकर में एक-एक व्यक्ति संक्रमित मिले। वहीं कोरोना पॉजिटिव मिली एक 13 साल की बच्ची की मौत भी हो गई। जिसे टाइफाइड की शिकायत थी। जानाकारी अनुसार बच्ची नानी के पास फरीदाबाद में थी। इसके मामा तबियत बिगड़ने पर आगरा से रेफर करवाकर 8 अप्रैल को जयपुर में लेकर आये थे। जिसके बाद जेकेलोन में भर्ती करवाया था। जिसकी शनिवार रात मौत हो गई।  जो रविवार को कोरोना पॉजिटिव मिली। बच्ची के पिता यहां ईदगाह में रहकर मजदूरी करते है। 

33 में से 25 जिलों में पहुंचा कोरोना
राज्य में सबसे ज्यादा जयपुर में 363 (2 इटली के नागरिक) पॉजिटिव मिले हैं। इसके अलावा जोधपुर में 98 (इसमें 40 ईरान से आए), टोंक में 59, बांसवाड़ा में 53, जैसलमेर में 41 (इसमें 12 ईरान से आए), कोटा में 40, बीकानेर में 34, झुंझुनूं में 31 और भीलवाड़ा में 28 मरीज मिले हैं। उधर, भरतपुर में 20, झालावाड़ में 15, चूरू में 14, दौसा में 11, अलवर में 7, नागौर में 6, डूंगरपुर और अजमेर में 5-5, उदयपुर में 4, करौली में 3, हनुमानगढ़, प्रतापगढ़, सीकर और पाली में 2-2, जबकि बाड़मेर और धौलपुर में 1-1 व्यक्ति को इस बीमारी ने अपनी चपेट में लिया है।

अब तक 11 लोगों की मौत

राजस्थान में कोरोना से अब तक 11 लोगों की मौत हुई है। इनमें दो भीलवाड़ा, पांच जयपुर, एक बीकानेर, एक जोधपुर और एक कोटा में हो चुकी है। भीलवाड़ा में पहली मौत 73 वर्षीय बुजुर्ग की हुई थी। उसे कई अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं। डायलिसिस पर था। दूसरी मौत भी भीलवाड़ा में एक 60 साल के व्यक्ति की हुई। उसकी भी तबीयत ठीक नहीं थी। तीसरी मौत अलवर के रहने वाले 85 साल के बुजुर्ग की जयपुर में हुई। उन्हें ब्रेनहैमरेज हुआ था। चौथी मौत बीकानेर में 60 साल की महिला की हुई। वहीं पांचवी मौत जयपुर में 82 साल के बुजुर्ग की हुई। छठी मौत कोटा में एक 60 साल के बुजुर्ग की हुई। उन्हें निमोनिया की शिकायत थी। वहीं सातवीं मौत जोधपुर में 77 साल के बुजुर्ग की हुई। जिसके बाद आठवीं मौत जयपुर के रामगंज में रहने वाली 65 साल की महिला की हुई। वहीं नौंवी मौत जयपुर के रामगंज इलाके में 62 साल के बुजुर्ग की हुई। जिसके बाद 10वीं मौत 13 साल की बच्ची की हुई। जो जयपुर के ईदगाह की रहने वाली थी। जिसके बाद 11वीं मौत टोंक में 60 साल के बुजुर्ग की हुई।


डॉक्टर की पर्ची से मिलेगी हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन

कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में 'हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन' अब डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी। केन्द्र ने राजस्थान समेत देश के सभी राज्यों को पत्र लिखकर अलर्ट किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार निर्धारित डोज से कम या ज्यादा लेने पर लापरवाही खतरनाक हो सकती है। अब कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक डॉक्टर की पर्ची के बिना दवा नहीं बेच पाएगा। साथ ही जिस डॉक्टर की पर्ची पर दवा दी जा रही हो, उसकी भी पूरी जानकारी रिकॉर्ड होगी। बेवजह या तय मात्रा से ज्यादा मलेरिया की दवा खाने से सबसे पहले दिल को दिक्कत होती है। इससे हार्ट फेल होने की भी आशंका रहती है। लिवर, गुर्दा और पेट में ब्लीडिंग भी हो सकती है। दवा की मात्रा ज्यादा होने या शरीर कमजोर होने से जान भी जा सकती है। राज्य सरकार ने भी आमजन से डॉक्टर की सलाह पर दवा लेने के लिए कहा है। दूसरी ओर, कोरोना संक्रमित मरीजों का सैंपल ईएनटी विशेषज्ञ ही ले सकेंगे या फिर प्रशिक्षण पीजी या रेजिडेंट डॉक्टर ही ले पाएंगे।