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राज्यपाल ने की मोदी सरकार की तारीफ, टीएमसी की सलाह- बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ लें
May 15, 2020 • Rajkumar Gupta

कोलकाता
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और ममता सरकार के बीच तल्खी रोज नए रंग में सामने आती रहती है। अब राज्यपाल का केन्द्र के आर्थिक पैकेज की तारीफ करना राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को नागवार गुजरा है। पार्टी ने शुक्रवार को धनखड़ से कहा कि उन्हें राज्य की विधानसभा के अगले चुनाव में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ लेना चाहिए।

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने देशभर में किसानों की परेशानियों को दूर करने के प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ की था। साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से केन्द्र की पीएम-किसान योजना में शामिल होने का आग्रह किया था। उन्होंने ट्वीट किया, 'किसानों, प्रवासियों और रेहड़ी-पटरी वालों की दिक्कतों को दूर करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रशंसनीय प्रयास। पीएम-किसान लाभार्थी कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड से दो लाख करोड़ रुपये का रियायती कर्ज मिलेगा। इसके अलावा रेहड़ी-पटरी वालों को अपना काम शुरू करने के लिये 10 हजार रुपए दिये जाएंगे।'

राज्य सरकार पर राजभवन के साथ तनावपूर्ण रिश्ते रखने का आरोप लगाते रहने वाले धनखड़ ने केन्द्र सरकार के आर्थिक पैकेज को दूरदर्शी और कायापलट करने वाला करार दिया। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने धनखड़ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके ट्वीट से पता चलता है कि राज्यपाल बीजेपी के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं और उन्हें अगले साल बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरना चाहिए।

'केंद्र सरकार के कर्मचारी बन गए हैं राज्यपाल'
कल्याण बनर्जी ने ट्वीट किया, 'पश्चिम बंगाल के आदरणीय राज्यपाल आपके ट्वीट से पता चलता है कि आप पूरी तरह केन्द्र सरकार के कर्मचारी बन गए हैं और बीजेपी के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। कल जो आर्थिक पैकेज घोषित किया गया उसमें कुछ नहीं है और इसमें बंगाल की जनता के साथ धोखा किया गया है।'

कोलकाता नगर निगम में नियुक्ति को लेकर तकरार
इससे पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और ममता बनर्जी सरकार के बीच कोलकाता नगर निगम में नियुक्ति को लेकर तल्खी देखने को मिली। राज्यपाल ने ममता सरकार पर राजभवन को लेकर उदासीन रवैया अपनाने की कड़ी निंदा की। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें अब भी उस सूचना का इंतजार है जो उन्होंने एक सप्ताह पहले कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के संचालन के लिए प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर मांगी थी।