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टैक्सपेयर्स को लेकर पीएम मोदी ने कह दी बड़ी बात, CBDT की आई सफाई
February 14, 2020 • Rajkumar Gupta

नई दिल्ली
भारत में टैक्सपेयर्स की संख्या काफी कम है और इस बात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार दोहराते रहे हैं। टाइम्स नाउ के एक कार्यक्रम में पीएम ने कहा कि पिछले पांच सालों में भारत में 1.5 करोड़ महंगी कारें बिकी हैं, करीब तीन करोड़ लोग बिजनस और घूमने के सिलसिले में विदेश गए हैं, लेकिन 130 करोड़ की आबादी वाले देश में महज 1.5 करोड़ लोग टैक्स पे करते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में एक से एक बड़े डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे प्रफेशनल्स हैं, लेकिन केवल 2200 प्रफेशनल्स ने 1 करोड़ से ज्यादा इनकम दिखाई है। इससे ज्यादा लोग तो केवल सुप्रीम कोर्ट में होंगे। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस होने लगी थी जिसको लेकर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से ट्वीट कर सफाई दी गई है।

3.16 लाख टैक्सपेयर्स की इनकम 50 लाख से ज्यादा
इनकम टैक्स इंडिया की तरफ से ट्वीट में कहा गया कि चालू वित्त वर्ष में केवल 2200 प्रफेशनल्स ने 1 करोड़ से ज्यादा इनकम बताई है। हालांकि इसमें रेंट, इंट्रेस्ट, कैपिटल गेन्स से होने वाली कमाई शामिल नहीं है। 5 करोड़ से ज्याद कमाई बताने वाले टैक्सपेयर्स की संख्या 8600 है, जबकि 3.16 लाख टैक्सपेयर्स ने 50 लाख से ज्यादा इनकम बताई है।

केवल 1.46 करोड़ टैक्सपेयर्स जमा करते हैं टैक्स
कुल मिलाकर 1.46 करोड़ टैक्सपेयर्स ही टैक्स जमा करने वालों की कैटिगरी में आते हैं। 1 करोड़ इंडिविजुअल ने अपनी इनकम 5-10 लाख के बीच बताई है , जिसपर पुराने सिस्टम में 20 पर्सेंट का टैक्स लगता है। 46 लाख इंडिविजुअल ने 10 लाख से ज्यादा इनकम बताई है जिसपर पुराने सिस्टम में 30 पर्सेंट टैक्स लगता है।

5 लाख तक इनकम पर कोई टैक्स नहीं
फाइनैंस ऐक्ट 2019 के तहत 5 लाख तक इनकम टैक्स फ्री है और चालू वित्त वर्ष में 4.32 करोड़ इंडिविजुअल इस कैटिगरी में आते हैं। वे इस वित्त वर्ष में टैक्स के रूप में कुछ भी जमा नहीं करेंगे। इनमें से 1.03 करोड़ इंडिविजुअल की इनकम 2.5 लाख से कम और 3.29 करोड़ इंडिविजुअल की कमाई 2.5-5 लाख के बीच है। इस वित्त वर्ष में कुल 5.78 करोड़ रिटर्न फाइल किए गए हैं।