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वाइट हाउस का वो बंकर जहां हर संकट में सेफ किये जाते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति
June 1, 2020 • Rajkumar Gupta

वाशिंगटन
अमेरिका में एक अश्‍वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत से माहौल गर्मा गया है। हिंसा की आग में वहां के 30 शहर झुलसने लगे हैं। रविवार को हिंसक प्रदर्शनों की आग राष्‍ट्रपति निवास वाइट हाउस तक पहुंच गई। भारी संख्‍या में प्रदर्शनकारी वाइट हाउस के बाहर जुटे तो राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की सीक्रेट सिक्‍योरिटी को खतरा महसूस हुआ। फौरन ट्रंप को ऐसे ही हालात के लिए बिल्डिंग के नीचे बने प्रेसिडेंशियल इमर्जेंसी ऑपरेशंस सेंटर (PEOC) में ले जाया गया। हालांकि कुछ समय बाद, उन्‍हें वहां से बाहर निकाल लिया गया।

क्‍यों वाइट हाउस के नीचे बनाना पड़ा बंकर?
दूसरे विश्‍व युद्ध के दौरान अमेरिका को डर था कि कहीं दुश्‍मन हवाई हमलों के जरिए वाइट हाउस को निशाना न बना ले। तब राष्‍ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्‍ट थे जिनकी सुरक्षा के लिए वाइट हाउस के नीचे ही 1942 में बंकर तैयार किया गया। अगर वाइट हाउस की सिक्‍योरिटी में कोई ब्रीच होता है तो राष्‍ट्रपति समेत सभी जरूरी हस्तियों को PEOC के बिल्‍कुल बगल में स्थित, एक्‍जीक्‍यूटिव ब्रीफिंग रूम ले जाया जाता है। यहां पर टीवी, फोन, हाईस्‍पीड इंटरनेट समेत कम्‍युनिकेशन के लेटेस्‍ट इक्विपमेंट्स मौजूद रहते हैं ताकि राष्‍ट्रपति अपना काम जारी रख सकें। PEOC में मिलिट्री और नान-कमिशंड ऑफिसर्स लगातार तैनात रहते हैं। 
9/11 के बाद खूब चर्चा में आया था यह बंकर
11 सितंबर 2001 को अमेरिका में वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर को अल-कायदा के आतंकियों ने निशाना बनाया था। दो विमान सीधे जाकर इन इमारतों से टकरा गए थे। इतिहास के सबसे भीषणतम आतंकी हमले के दौरान, तत्‍कालीन उपराष्‍ट्रपति डिक चेने, राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कोंडोजिला राइस समेत कई वरिष्‍ठ अधिकारी इसी बंकर में ले जाए गए थे। तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति जॉर्ज बुश उस वक्‍त फ्लोरिडा में थे। बाद में PEOC के भीतर से उनकी भी एक तस्‍वीर सामने आई थी।

इस बंकर में क्‍या है खास
चूंकि यह राष्‍ट्रपति की सुरक्षा से जुड़ा मामला है इसलिए PEOC से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं। विभिन्‍न रिपोर्ट्स के मुताबिक, PEOC इतना मजबूत है कि न्‍यूक्लियर धमाके को भी झेल सकता है। वाइट हाउस की ईस्‍ट विंग के नीचे स्थित यह बंकर 9/11 कमिशन की रिपोर्ट के बाद फिर से बनाया गया था। इसके कॉन्‍फ्रेंस रूप में वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग का सेटअप है। कॉन्‍फ्रेंस टेबल के ड्रॉर में टेलीफोन छिपाकर रखे जाते हैं।

अमेरिका में क्‍यों फैली है हिंसा?
एक अश्वेत व्यक्ति की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद कई शहरों में हिंसा भड़की है। वाइट हाउस के पास विरोध प्रदर्शन को देखते हुए वाशिंगटन डी.सी में कर्फ्यू लगा दिया गया है। राजधानी में फ्लॉयड की मौत के विरोध में रविवार को लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन हुआ। मामला 25 मई का है जब एक श्वेत पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन ने 46 वर्षीय फ्लॉयड को उसकी गर्दन पर घुटना रखकर पकड़ा। इस दौरान वह बार-बार कहता रहा, "मैं सांस नहीं ले सकता..प्लीज, मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं। मुझे छोड़ें।" हालांकि, बाद में पुलिस अधिकारी को थर्ड डिग्री देने और हत्या के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया था।